अमित शाह ने रविवार को यूपी दौरे में विधानसभा चुनाव के एजेंडे का स्पष्ट संकेत दिया

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लखनऊ : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को यूपी दौरे में विधानसभा चुनाव के एजेंडे का स्पष्ट संकेत दिया। शाह ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था को सुपरहिट बताते हुए सपा-बसपा के 15 साल के शासन का हिसाब मांगकर माहौल बनाया। वहीं विंध्य कॉरिडोर के बहाने धर्म स्थलों की उपेक्षा का मुद्दा छेड़ते हुए पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा कर नए सिरे से हिंदुत्व का कार्ड खेलने का संकेत दिया। शाह ने रविवार को अवध की धरती से प्रदेश में चुनावी बिगुल फूंक दिया। उन्होंने गुंडाराज व चुनाव नजदीक आते ही नए कपड़े पहनकर निकल रहे नेताओं पर तंज कसते हुए सीधे तौर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। इससे माना जा रहा है कि भाजपा चुनाव में मुख्य मुकाबला सपा से मानकर ही मैदान सजाने वाली है।

शाह ने बाढ़ व कोरोना की दोनों लहरों के समय जनता के बीच न जाने जैसे मुद्दे छेड़कर लोगों से अखिलेश को खारिज करने की अपील की। उन्होंने जिस प्रकार अपने 2013 से 2019 तक के यूपी के चप्पे-चप्पे के दौरों से हुए अनुभव साझा करते हुए पश्चिम के पलायन और पूर्वांचल के माफियराज की तुलना में योगी सरकार के विकास मॉडल की तारीफ की, उससे साफ है कि भाजपा चुनाव में विकास के साथ युवाओं के बीच रोजगार, महिलाओं व व्यापारियों के बीच सुरक्षा और किसानों के बीच मोदी-योगी सरकार की कृषक कल्याण योजनाओं को लेकर जाएगी।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 जुलाई को वाराणसी के कार्यक्रम में योगी की तारीफ की थी। अब रविवार को शाह ने भी लखनऊ से मिर्जापुर तक कई बार योगी की पीठ थपथपाई। इससे साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में योगी का विकास मॉडल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रचार का मुख्य आधार होगा।

शाह की रविवार को दो जनसभाओं के साथ ही प्रदेश भाजपा चुनावी मोड में आ गई है। शाह 7-8 अगस्त को लखनऊ दौरे पर आ रहे हैं। उसके बाद शाह ब्रज, पश्चिम, अवध, गोरखपुर, काशी और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रों का दौरा कर चुनावी तैयारियों पर मंथन करेंगे।

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