अजीत सिंह की हत्या के चालीस दिन पूरे होते ही हत्या का मुख्य सूत्रधार इन्काउन्टर में ढेर

0 74

कस्टडी रिमाण्ड के दौरान शूटर गिरधारी ने किया भागने का प्रयास मारा गया

दो पुलिस कर्मी धायल बुलट प्रुफ जैकैट ने बचाई इन्स्पेक्टर की जान

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की कमिश्नरेट पुलिस को चुनौती देने वाली 6 जनवरी को हुई मऊ के दुर्दान्त अपराधी अजीत सिंह की गैंगवार मे हुई हत्या के मुख्य सूत्रधार दुर्दान्त अपराधी गिरधारी सिंह उर्फ डाक्ॅटर को आज लखनऊ मे उसी थाना क्षेत्र मे पुलिस इन्काउन्टर मे ढेर कर दिया गया जिस थाना क्षेत्र मे अजीत सिहं की हत्या हुई थी और उसके साथी मोहर सिंह समेत दो लोग गोली लगने से घायल हुए थे। हालकि विभूति खण्ड पुलिस द्वारा इन्काउन्टर की जो वजह बताई गई है वो वजह आसानी के साथ गले उतरने वाली नही है। दो दिन पूर्व दिल्ली से लखनऊ पुलिस द्वारा अजीत हत्या काण्ड के सिलसिले मे पूछताछ और असलहा बरामदगी के लिए तीन दिन की रिमाण्ड पर लखनऊ लाए गए दुर्दान्त अपराधी से पुलिस ने लम्बी पूछताछ की और उसने पुलिस को पूछताछ के दौरान अहम जानकारियां भी दी लेकिन रविवार की रात करीब ढाई बजे उस समय गिरधारी सिंह उर्फ डाॅक्टर को दुनिया छोड़नी पड़ी जब पुलिस उसे सहारा अस्प्ताल के पीछे असलहा बरामदगी के लिए अपने पुलिस अमले के साथ लेकर गई थी। पुलिस के अनुसार गाड़ी से उतरते ही गिरधारी ने भागने के प्रयास मे उपनिरीक्षक अख्तर सईद उसमानी की नाक पर अपने सर से टक्कर मार कर उन्हे लहुलुहान किया और उनकी सर्विस पिस्टल छीन कर अनधेेरे मे भाग गया । गिरधारी सिंह के भागते ही उपनिरीक्षक अनिल सिंह ने उसका पीछा किया तो पुलिस से छीनी गई पिस्टल से ही गिरधारी ने अनिल को को गोली मारी जो उनके हाथ मे लगी रात के अन्धेरे मे पुलिस कस्टडी से भागने के चक्कर मे गिरधारी एक के बाद एक गोली चला रहा था एक गोली इन्स्पेक्टर विभूति खण्ड चन्द्रशेखर सिंह के भी लगी लेकिन राहत की बात ये रही कि उन्होने पहले ही बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रख्खी थी जिसकी वजह से गोली उनके शरीर तक नही पहुची

इन्स्पेक्टर को शायद पहले ही गिरधारी सिंह के भागने का आभास हो गया होगा तभी वो पुलिस के बड़े अमले के साथ असलहा बरामदगी के लिए लेकर गए निहत्थे गिरधारी सिंह को ले जाने से पहले बुलेट प्रूफ जैकेट से लैस हो गए थे। दरोगा से छीनी गई सरकारी पिस्टल से गिरधारी गोलियां चला रहा था और पुलिस अपने बचाव मे गिरधारी को गिरफ्तार करने के लिए जवाबी फायरिंग कर रही थी पुलिस की जवाबी फायरिंग मे एक गोली दुर्दान्त अपराधी गिरधारी सिंह को लगी और वो लहुलुहान होकर गिर गया लेकिन पुलिस ने गिरधाारी की जान को बचाने के लिए उसे तत्काल अस्पताल पहुॅचाया लेकिन गिरधारी सिंह उर्फ डाक्टर की जान बच नही पाई। भले ही पुलिस कस्टडी रिमाण्ड के दौरान पुलिस कर्मियो को घायल करते हुए भाग रहा गिरधारी सिंह पुलिस की गोली से मारा गया और अब दूसरे इंकाउन्टरो की तरह इस इन्काउन्टर की भी जाॅच होगी लेकिन ये तो सच है ही कि 19 मुकदमो गिरधारी सिंह खूंखार अपराधी तो था ही भले ही गिरधारी सिंह कल रात पुलिस कस्टडी से भागने मे सफल हो जाता लेकिन पुलिस से वो कब तक भागता कभी न कभी पकड़ा जाता और वो पूर्व मे किए गए उसके अपराधो के लिए मुमकिन है कि सज़ा मौत की ही मिलती । विभूतिखण्ड पुलिस मुठभेड़ मे ऐसा अपराधी मारा गया जिसने एक नही बल्कि अनेक लोगो की हत्याए की थी और हत्या की सज़ा का प्रावधान मौत की सज़ा भी होती है लेकिन विभूतिखण्ड पुलिस से हुई उसकी मुठभेड़ सवालो के घेरे मे ज़रूर आ गई है। क्यूकि अपराधी ने जिस दरोगा की सर्विस पिस्टल छीनी वो पिस्टल दरोगा ने सुरक्षित तरीके से क्यू नही रख्खी थी अमूमन पुलिस कर्मी कमर मे लगाने वाली पिस्टल मे डोरी बांधते है और डोरी शरीर मे लिप्टी हुई होती है लेकिन अपराधी के सर की टक्क्र से घायल दरोगा की सर्विस पिस्टल क्या उनकी कमर मे खुली हुई लगी थी जिससे पहले ही अपराधी द्वारा देख लिया गया हो और गाड़ी से उतरते ही उसने मौका देख कर उन्हे सर से टक्क्र मार कर घायल कर उनकी पिस्टल को इतनी आसानी से छीन लिया46

दिल्ली पुलिस की कस्टडी मे आने के महज़ चाौथे दिन मौत की नींद सो गया गिरधारी सिंह

खूंखार अपराधी गिरधारी सिंह उर्फ डाॅक्टर चार दिन पहले 11 जनवरी को दिल्ली पुलिस की कस्टडी मे गाया था उसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने रोहिणी इलाके से की थी। पुलिस ने उसके पास से 9एमएम की एक पिस्टल भी बरामद की थी। गिरधारी को दिल्ली से लखनऊ की जेल में शिफ्ट किया गया था । लखनऊ पुलिस को कोर्ट से 3 दिन की कस्टडी रिमांड पूछताछ के लिए मिली थी। गिरधारी सिंह 13 फरवरी से 16 फरवरी तक 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लखनऊ पुलिस की कस्टडी में था । पुलिस ने उससे लम्बी पूछाताछ की थी और पुलिस को गिरधारी सिंह ने पूछताछ मे अहम जानकारियां दी थी । ज्वाईन्ट पुलिस कमिश्नर क्राइम नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि गिरधारी विश्वकर्मा को हत्या में प्रयुक्त असहले की बरामदगी लिए रविवार की रात करीब दो से ढाई बजे के बीच गोमती नगर के विनीत खंड में सहारा हॉस्पिटल के पीछे ले जाया जा रहा था। खरगापुर क्रॉसिंग के पास पुलिस टीम ने गाड़ी रोकी तभी उप निरीक्षक सईद अख्तर उस्मानी गाड़ी से अपने साइड से गिरधारी को उतार रहे थे तभी गिरधारी ने अख्तर उस्मानी के नाक पर अपने सिर से टक्क्र मार कर उन्हे घायल किया अख्तर उस्मानी गिर गए और गिरधारी उनकी पिस्टल लेकर भागने लगा । गिरधारी को भागता देख वरिष्ठ उप निरीक्षक अनिल सिंह ने पीछा किया तो गिरधारी उनके ऊपर फायर करता हुआ झाड़ियों में भाग गया लेकिन पुलिस उसे भागने मे सफल नही होने देना चाहती थी पुलिस ने उसे सरेन्डर करने के लिए कहा लेकिन गिरधारी गोलिया चलाता हुआ भागता रहा और पुलिस की जवाबी फायरिंग मे गिरधाारी को गोली लगी घायल अवस्था मे उसे अस्प्ताल पहुॅचाया गया जहा डाक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया

दो उप निरीक्षक घायल इन्स्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर फंसी गोली

जेसीपी क्राइम ने बताया कि पुलिस कस्टडी से भागे गिरधारी की सूचना कंट्रोल रूम व 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त पूर्वी संजीव सुमन पहुंच गए पुलिस टीम व प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह और प्रभारी निरीक्षक ने चारों तरफ से घेरकर झाड़ियों में छिपे गिरधारी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। लेकिन वह छीनी हुई पिस्टल से बारण्बार फायर कर रहा था। पुलिस टीम की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई और वहीं ढेर हो गया। उसे तत्काल राम मनोहर लोहिया के इमरजेंसी में भेजा गया। लेकिन उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में अख्तर सैयद उस्मानी के नाक पर चोट आई। जबकि अनिल कुमार सिंह के दाहिने बाजू पर गोली छूते हुए निकली है और इंस्पेक्टर विभूतिखंड चंद्रशेखर के बुलेप्रूफ जैकेट में एक गोली लगी है

यह है पूरा मामला

6 जनवरी 2021 को विभूति खंड थाना क्षेत्र के पॉश इलाके कठौता चौराहे पर मऊ जिले के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान अजीत का साथी मोहर सिंह व एक फूड डिलीवरी कंपनी का कर्मी घायल हुआ था। इस प्रकरण में आजमगढ़ के बाहुबली कुंटू सिंहए अखंड सिंह के अलावा गिरधारी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था । पुलिस ने इस शूटआउट में तीन मददगारों को दबोचा था जबकि शूटर संदीप सिंह को भी पकड़ा जा चुका है। कुंटू सिंह व अखंड सिंह से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.