
सुदर्शन टीवी द्वारा रसूले इसलाम की मजार के गुंबदे खजरा की तौहीन की सख्त निंदा करता हूं। सैय्यद तक़वी
लखनऊ : भारत जो सेकुलर देश कहा जाता है जहां पर हर धर्म एक दूसरे का सम्मान करते हैं हर धर्म के अनुयाई एक दूसरे का सम्मान करते हैं और अभी भी यह दस्तूर जारी है लेकिन उनके बीच में कुछ ऐसे असामाजिक तत्व मौजूद हैं जो रह-रहकर समय-समय पर माहौल को खराब करने की कोशिश करते हैं जिनमें सबसे बड़ा नाम सुदर्शन टीवी का है। जिसने पूर्व में भी कई बार धार्मिक टिप्पणी या धर्म के आधार पर कार्यक्रमों का प्रसारण करके माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया है। आज एक बार फिर सुदर्शन टीवी ने रसूल ए इस्लाम के रौज़े मुबारक के गुम्बदे ख़ज़रा पर मीज़ाइलों से हमले की काल्पनिक तस्वीर दिखा कर भावनाओं को आहत करने का काम किया है।यह एक अति निंदनीय एवं घृणित कार्य है जिसकी हर अमन पसंद इंसान निंदा करता है। यह पहली बार नहीं है कि सुदर्शन टीवी ने ऐसा किया है इससे पहले भी वह ऐसा कार्य कर चुका है। सुदर्शन टीवी चैनल ने कथित तौर पर नौकरशाही में मुस्लिमों की घुसपैठ पर आधारित अपने बिंदास बोल कार्यक्रम की चार कड़ियों के जरिए कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन किया था और चैनल को भविष्य में ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
अफसोस आज एक बार फिर सुदर्शन टीवी ने आग से खेलने का प्रयास किया है और इससे भी ज्यादा अफसोस की बात की है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इस विषय पर खामोश है जबकि एक छोटे से पोस्टर लगने पर लोगों की गिरफ्तारी हो जाती है ना कि टीवी चैनल पर इस तरह के कार्यक्रम दिखाकर लोगों की भावना के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।सुदर्शन टीवी को इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि यह वह देश है जहां हम ईद और दीवाली एक साथ मनाते हैं। इस लॉकडाउन में भी ऐसे दृश्य देखने में आए हैं जहां मुसलमानों ने हिंदू धर्म के रीति रिवाज से लोगों की अंत्येष्टि की है वहीं दूसरी तरफ हिंदू भाइयों ने मुस्लिम लोगों की जनाजे को कंधा दिया है। ऐसे एकता को खंडित करने का प्रयास न करें। मेरी भारत के माननीय प्रधानमंत्री महोदय से यह प्रार्थना है कि इस विषय का संज्ञान लेते हुए सुदर्शन टीवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।