यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में जनपद लखनऊ में शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता बच्चों से मुख्यमंत्री

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लखनऊ : मेधावियों से उनके कॅरियर की योजना पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार अभ्युदय कोचिंग संचालित करती है। यहां नीट, जेईई, यूपीएससी, यूपीपीएससी, एनडीए, सीडीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। इसकी विशेषता यह है कि इसका संचालन उनके द्वारा किया जाता है जिन्होंने सम्बंधित परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया है। जैसे युवा आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीएस अधिकारी, युवा डॉक्टर, नव चयनित इंजीनियर्स आदि। यह अभिनव कोचिंग वर्चुअल और फिजिकल दोनों मोड में चलती है। स्कूलों में बच्चों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने मेरिटोरियस बच्चे तैयार करने वाले विद्यालय के प्रधानाचार्यों को बधाई दी और उनके अध्यापन मूल्यांकन प्रणाली की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री जी ने प्राचार्यों से कहा कि शिक्षकों को अभिभावकों के साथ संवाद बनाना चाहिए। अभिभावकों के साथ व्यक्तिगत संवाद नहीं होगा तो इसका असर आपके विद्यालय पर तो पड़ेगा ही, साथ ही अभिभावक को भी पता नहीं चलेगा कि विद्यालय में क्या हो रहा है। अतः ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे कि माह में एक बार शिक्षक बच्चे के घर जरूर जाएं। अभिभावकों से मिलें। यह विद्यालय हित में भी है और छात्र के लिए भी उपयोगी होगा।

मुख्यमंत्री जी ने प्रतिभा/क्षमता के आधार पर अपेक्षाकृत कमजोर बच्चों/प्रतिभावान बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं/रेमेडियल क्लासेज संचालन की सराहना की।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षक के पढ़ाने की शैली विषय की ग्राह्यता पर प्रभाव डालती है। शिक्षण संस्थाओं को चाहिए कि रोचक ढंग से पढ़ाएं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केंद्र राज्य सरकार द्वारा छात्रों/युवाओं के हित मे अनेक योजनाएं संचालित की जाती हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्टैंड अप योजना, स्टार्ट अप योजना, मुद्रा योजना, डिजिटल इंडिया आदि योजनाओं का बड़ी संख्या में युवाओं ने लाभ लिया है। ऐसी व्यवस्था बनाएं कि विद्यालयों में इन योजनाओं की जानकारी छात्रों को मिल सके। योजना का पूरा विवरण जैसे, उद्देश्य, अर्हता, आवेदन का तरीका आदि पूरी जानकारी दें। प्रातःकालीन प्रार्थना सभा इसके लिए उचित अवसर हो सकती है।

मुख्यमंत्री जी ने प्राचार्यों से कहा कि यह सुनिश्चित कराएं कि केंद्र राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ बच्चों को जरूर मिलें। छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए समय से आवेदन कराएं।

पुरातन छात्रों के अनुभवों से वर्तमान विद्यार्थियों को लाभान्वित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री जी ने प्राचार्यों को विद्यालय में पुरातन छात्र परिषद का गठन करने का परामर्श दिया।

मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों के अभिभावकों को बधाई शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री जी ने उत्कृष्ट विद्यार्थियों की सूची में बेटियों की सफलता पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री जी से संवाद करते हुए अभिभावकों ने अपने पाल्यों की मेहनत की कहानी भी बताई। एक मेधावी की माता जी ने बेटे के हिंदी में 100 अंक प्राप्त करने की खुशी साझा की तो कई अन्य अभिभावकों ने बच्चों के पठन पाठन की अवधि की जानकारी दी।

 

 

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