मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टीम-11 के साथ बैठक की

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लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टीम-11 के साथ बैठक में रेमेडेसिविर इंजेक्शन और फैबीफ्लू जैसी जीवनरक्षक मानी जा रही दवाओं की आपूर्ति की विस्तृत समीक्षा की।  मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को सख्त निर्देश दिए इन जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर और रासुका जैसे एक्ट के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में एक विशेष टीम गठित कर प्रदेश में छापा मार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक है कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। रेमेडेसिविर उत्पादनकर्ता कंपनियों से लगातार संपर्क में रहें। इसके अलावा सभी ऑक्सीजन रीफिल केंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाए। यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन का वितरण पारदर्शी ढंग से हो। ऑक्सीजन टैंकर को जीपीएस से जोड़ा जाए तथा प्लांट्स पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

14 हजार से भी अधिक मरीज कोविड संक्रमण से ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए हैं

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह सुखद है कि बीते 24 घंटे में प्रदेश में 14 हजार से भी अधिक मरीज कोविड संक्रमण से ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेशवासी धैर्य और संयम बनाये रखें। उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं हों अथवा जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता, किसी भी चीज का अभाव नहीं है। कोविड के लक्षण दिखें तो टेस्ट कराएं, चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करें।  वर्तमान परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश में पूर्ण लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है। हमें लोगों के जीवन और जीविका दोनों की ही चिंता है। परिस्थितियों का आंकलन करते हुए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। कोरोना कर्फ्यू और साप्ताहिक बंदी जैसे प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाए। मास्क, सैनिटाइजर और दो गज दूरी जैसे कोविड प्रोटोकॉल को पूरी ईमानदारी के साथ अमल में लाया जाए। लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए अस्पतालों में खाली बेड्स के बारे में हर दिन जानकारी सार्वजनिक की जाए। इससे मरीजों के परिजनों को काफी सहूलियत होगी। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की भूमिका इस कार्य मे अत्यंत उपयोगी है। इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

सभी निजी एवं सरकारी कोविड टेस्टिंग प्रयोगशालाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ टेस्टिंग कार्य करें

कोविड से लड़ाई में जीत के लिए टेस्टिंग ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट का मंत्र सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं है। सभी निजी एवं सरकारी कोविड टेस्टिंग प्रयोगशालाएं अपनी पूरी क्षमता के साथ टेस्टिंग कार्य करें। किसी भी प्रयोगशाला को टेस्ट करने पर कोई रोक नहीं है। जांच के लिए शुल्क की दर पूर्व में ही तय की जा चुकी है। आरआरटी की संख्या बढ़ाई जाए। क्वालिटी कंट्रोल को प्रत्येक दशा में सुनिश्चित की जाए। टेस्टिंग की वर्तमान क्षमता को दोगुनी किये जाने के ठोस प्रयास हों। कोविड-19 के प्रसार को देखते हुए सभी जनपदों में कोविड बेड की संख्या दो गुनी करने के लिए पूरी तत्परता से कार्यवाही की जाए। स्वास्थ्य विभाग कोविड अस्पतालों में आईसीयू तथा आइसोलेशन बेड के जनपदवार डाटा तैयार कर लें, जिससे कोरोना मरीजों को त्वरित उपचार पूरी सहजता से उपलब्ध हो सके। सभी जिलों में न्यूनतम 200-200 अतिरिक्त बेड बढ़ाये जाने के प्रयास हों।लखनऊ के केजीएमयू तथा बलरामपुर चिकित्सालय पूरी क्षमता के साथ डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के तौर पर संचालित किया जाए। इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दें। एरा, टीएस मिश्रा, इंटीग्रल, हिन्द, प्रसाद, सक्सेना तथा मेयो मेडिकल काॅलेज आदि डेडिकेटेड कोविड हास्पिटल के रूप में क्रियाशील हैं। यहां बेड की बढ़ोतरी की जाए। इन सभी अस्पतालों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। इन अस्पतालों में संसाधनों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए।

स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए

स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फागिंग का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। इसके लिए फायर विभाग के वाहनों का उपयोग किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 77 हजार से अधिक कंटेनमेंट जोन बनाये गए हैं। कंटेनमेंट ज़ोन के प्राविधानों को सख्ती से लागू किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के संबंध में प्रवर्तन की प्रभावी कार्यवाही की जाए। निगरानी समितियों से संवाद बनाकर उनसे फीडबैक लगातार प्राप्त किया जाए। अस्पतालों एवं ऑक्सीजन उत्पादन व रीफिलिंग से जुड़ी इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। बेहतर कोविड प्रबंधन में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका है। लखनऊ सहित सभी जनपदों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का प्रभाव संचालन सुनिश्चित हो। आईसीसीसी के माध्यम से बेड आवंटन की जानकारी, समय पर एम्बुलेंस की उपलब्धता आदि व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं।

साप्ताहिक बंदी  को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

शुक्रवार रात 08 बजे से सोमवार प्रातः 07 बजे तक की प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बंदी को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात्रि 08 से सुबह 07 बजे तक प्रभावी रहे। इस दौरान आवश्यक सेवाओं और औद्योगिक इकाइयों को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबन्धित रहेंगी। कोविड संक्रमण की रोकथाम में यह महत्वपूर्ण प्रयास होगा। 108 एम्बुलेंस सेवा की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जाए। एम्बुलेंस के रिस्पान्स टाइम को कम किया जाए।

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