कांग्रेस पार्टी पिछड़ों-दलितों के संवैधानिक हको को लेकर प्रतिबद्ध, सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी

0 8

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी ने कहा कि प्रदेश सरकार की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय निकाय चुनाव रुक गये हैं। जब सुप्रीम कोर्ट ने गवरी बनाम महाराष्ट्र के मामले में आदेश दिया हुआ था तो आखिर वह ऐसे कौन से कारण थे कि सरकार द्वारा उनकी अनदेखी की गई। जनता को दिखाने के लिए सरकार इस आदेश के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। अब उन्हें कौन समझाये कि सुप्रीम कोर्ट अपने ही आदेश को कैसे परिवर्तित करेगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट र्फामूले के अनुसार राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग की आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति क्या है? इसके लिए प्रकृति और प्रभाव का डेटा एकत्र करने के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया जाना आवश्यक था। राज्य सरकार को इस विशेष आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही नगर निगम और नगर पालिका चुनाव में अनुपातिक आधार पर आरक्षण देना था। राज्य सरकार को यह भी ध्यान देना था कि एस सीध्एस टी ध्ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 50 फीसद के कुल आरक्षण सीमा से बाहर नहीं जाये। तब प्रश्न यह उठता है कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिये गये इन सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन न करना किसकी जवाबदेही तय करता है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि क्या यह सरकार का कर्त्वय नहीं था कि देश के सुप्रीम कोर्ट का सम्मान उसके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पूरा किया जाये। उच्च न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में दाखिल की गई 93 रिट याचिकाओं को एक साथ जोड़ते हुए निर्णय दिया है। अभी तक चुनाव में धार्मिक और क्षेत्रीय बंटवारे की राजनीति करती हुई भाजपा सरकार अब अतिरिक्त जातियों में बंटवारा करना चाहती है। यह सरकार 2024 तक इस मामले को गर्माये रखना चाहती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.