लिम्फोडिमा कैंप आयोजित कर बताये फाइलेरिया के लक्षण व बचाव के उपाय

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बहराइच :46

इस मौके पर फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी दीपमाला ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष एम0डी0ए (मॉस ड्रग एडमिनिट्रेशन) का आयोजन किया जाता है । इसके तहत आशा, आंगनवाड़ी व स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाते हैं । उन्होने कहा कि इस दवा का सेवन करने से भविष्य में फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है । इस अवसर पर फाइलेरिया इंस्पेक्टर विमल कुमार ने नगर क्षेत्र के फाइलेरिया से ग्रसित 15 मरीजों का मॉरबिडिटी मैनेजमेंट किया । साथ ही आवश्यक जानकारी के साथ उन्हे एम0एम0डी0पी0 किट भी उपलब्ध करायी गयी। जिसमें बाल्टी, मग, टब, तौलिया ,साबुन और एंटी फंगल क्रीम होती है

क्या है फाइलेरिया :

फाइलेरिया एक कृमि जनित मच्छर से फैलने वाला रोग है , जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है । इसका मच्छर गंदे व रुके हुये पानी में फैलता है

बचाव :

घर या आस पास पानी जमा न होने दें

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें

शाम के वक्त बाहर या घर में पूरी बांह के कपड़े पहने

सरकार द्वारा निःशुल्क दी जाने वाली फाइलेरिया रोधी दवा खाएं

लक्षण :

बार-बार बुखार आना

अंगों , जननांगों और स्तनों में सूजन

हाइड्रोसील

हाथों और पैरों में सूजन

कभी कभी कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते

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