नगर निगम के आरोपी राजस्व निरीक्षक पर चला सुशासन का डंडा

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लखनउ(आरएनएस) : नगर निगम में गृहकर के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। नगर निगम प्रशासन ने आरोपी राजस्व निरीक्षक के भ्रष्टाचारों की जांच शुरु करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही आरोपी राजस्व निरीक्षक से राजस्व संबंधी सभी प्रभार वापस लेते हुए कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। नगर निगम जोन 2 के प्रभारी अधिकारी अनूप चैधरी ने आदेश जारी करते हुए राजस्व निरीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी संयुक्त नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार सिंह को बनाया गया है। यह पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट महापौर व नगर आयुक्त को सौंपेगे। दरअसल नगर निगम के जोन 2 के राजेंद्र नगर के मकान नंबर भवन संख्या 274292 ए को 19 लाख 16 हजार 834 रुपए का नोटिस देते हुए मकान को सील कर दिया गया था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस मकान को खुलवाने के लिए नगर निगम जोन 2 में सक्रिय रैकेट एक्टिव हुआ था कि इसमें राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी की टीम सक्रिय हुई। इस मामले में राजस्व निरीक्षक नमिता सिंह की स्टिंग की गई।

वो पूरे मामले में 19 लाख 16 हजार 834 रुपए को 9 लाख 55 हजार 180 रुपए करने व इसके एवज में 4 लाख 78 हजार रुपए नकद देने की बात करने लगीं। 4 लाख 78 हजार रुपए को लेने के लिए नमिता सिंह ने खुद ही गोमती नगर व हजरतगंज में स्टिंग करने वालों से मिलीं। जब राष्ट्रीय न्यूज सर्विस ने इस खबर को पूरी प्रमुखता से अपने यहां प्रकाशिक किया तो नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया। खुद महापौर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया व जोनल अफसर को इस प्रकार के प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया। महापौर व नगर आयुक्त के आदेश के बाद अब नगर निगम के जोन के प्रभारी अधिकारी अनूप चैधरी ने पूरे प्रकरण की जांच का आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने राजस्व निरीक्षक नमिता सिंह से समस्त प्रभार लेते हुए कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अब पूरे मामले की जांच संयुक्त नगर आयुक्त को सौंप दी गई है। माना जा रहा है कि अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। वैसे यह तय माना जा रहा है कि राजस्व निरीक्षक का निलंबन होना लगभग तय है।

खबर को संज्ञान में आने के बाद पूरे प्रकरण के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। राजस्व निरीक्षक से फिलहाल राजस्व संबंधी समस्त प्रभार लेते हुए कार्यालय से संबंध कर दिया गया है। जांच अधिकारी संयुक्त नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के किसी भी कर्मचारी को यह अधिकार नहीं है कि वो अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए निगम को बदनाम करे। यह सीधे तौर पर सरकार को बदनाम करने की एक सजिश है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को इस प्रकार के भ्रष्टाचार करने की छूट नहीं दी जा सकती। आरोपी राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध जांच की जा रही है। मामले में सत्यता पाने जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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