दीनी एहकाम पर अमल करना हर हुसैनी का फरीज़ा है : मौलाना सय्यद राहिब हसन ज़ैदी

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लखनऊ: हर साल की तरह इस साल भी इमाम बारगाह ए मेहदी अमीनाबाद लखनऊ में अशरा ए मजालिस का सिलसिला शुरू है जिसको मौलाना सय्यद राहिब हसन ज़ैदी लखनऊ: हर साल की तरह इस साल भी इमाम बारगाह ए मेहदी अमीनाबाद लखनऊ में अशरा ए मजालिस का सिलसिला शुरू है जिसको मौलाना सय्यद राहिब हसन ज़ैदी खिताब फरमा रहे हैं इस अशरा ए मजालिस का विषय दीन और दीनी मसाएल है।खिताब फरमा रहे हैं इस अशरा ए मजालिस का विषय दीन और दीनी मसाएल है।
मौलाना सय्यद राहिब हसन ज़ैदी ने आज सातवीं मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि दीन के रास्ते पर चलना हर मुसलमान पर वाजिब व लाज़िम है दीन हमको सही रास्ते पर चलने की रहनुमाई करता है सही रास्ते से मुराद सिराते मुस्तकीम पर चलना  है और जो इंसान सिराते मुस्तकीम पर चलने लगा वह दुनिया में भी कामयाब इंसान होगा और आखेरत में भी कामयाब इंसान होगा जो दीन के एहकाम पर अमल करेगा अल्लाह उसकी तमाम हाजात को पूरा करेगा और उसको अपनी तमामतर नेमतों से नवाज़े गा और अल्लाह उसको दुनिया में इज़्ज़त के ज़िंदगी अता करेगा ज़िल्लत की ज़िंदगी से महफूज़ रखेगा और आखेरत में उसको जन्नत अता करेगा और जहन्नम की आग से महफूज़ रखेगा।
मौलाना ने कहा कि दीन के एहकाम में सख्ती नहीं है बहुत आसानी है बस हम इरादा करें की आज से हम दीनी एहकाम पर अमल करेंगे तो अल्लाह खुद बखुद हमारे लिए आसानी कर देगा दीन में बहुत आसानी है जैसा कि इससे पहले अर्ज़ किया था अगर किसी स्कूल में थोड़ा देर से पहुंचे तो हमको वहां सज़ा मिलेगी जो सज़ा उसके लिए रखी गई है लेकिन अगर हम नमाज़ अव्वले वक्त नहीं पढ़ पाते तो अल्लाह उसकी सज़ा हमको फौरन नहीं देता उसकी कज़ा करने का हुक्म दिया की नमाज़ की कज़ा करो हम उसका सवाब अता करेंगे और आइमा ए मासूमीन अ०स० ने भी यही फरमाया है कि दीनी एहकाम पर अमल करो दीन से दूरी इख्तियार न करो और दीनी एहकाम पर अमल करना हर हुसैनी का फरीज़ा है।
स्पष्ट रहे इस अशरा ए मजालिस के बाद अज़ाखाने वसीम कैसर मुत्तसिल तनज़ीमुल मकातिब गोलागंज में अशरा ए मजालिस का सिलसिला शुरू है जिसको मौलाना सय्यद राहिब हसन ज़ैदी खिताब कर रहे हैं जिसका विषय कुरआन की अहमियत और फज़ीलत है।

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