जागृति और जोहो ने पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) में डिजिटल इनोवेशन इकोसिस्टम के निर्माण हेतु की साझेदारी

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लखनऊ : जागृति ने वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी जोहो कॉर्प के साथ साझेदारी की घोषणा की है। जागृति एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो छोटे शहरों और गैर शहरी क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देती है। इस साझेदारी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के देवरिया में स्थापित होने वाले डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) 3500 स्थानीय एसएमई को इनक्यूबेट करना और 20,000 अन्य कंपनियों को प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करना है, जिससे विकेंद्रीकृत विकास और स्थानीय बौद्धिक संपदा के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। देवरिया में 6-एकड़ परिसर में स्थापित किया जा रहा जागृति एंटरप्राइज सेंटर-पूर्वांचल (जेईसीपी) का नया केंद्र, जागृति के छह सीओई में से एक है। सभी छह सीओई देवरिया और आसपास के 15 जिलों में विभिन्न क्षेत्रों के लघु एवं मध्यम उद्योगों जैसे कृषि-प्रसंस्करण, स्वास्थ्य देखभाल, डिजिटल, महिला, शहरीकरण, और हस्तशिल्प और परिधान पर ध्यान केंद्रित कर उनके विकास में सहयता करेंगे।

जेईसीपी के डिजिटल सीओई के लिए एक प्रमुख भागीदार के रूप में, ज़ोहो का लक्ष्य क्षेत्र के उद्यमियों के लिए अपने ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों को लाकर पूर्वांचल में एक इनोवेशन सैंडबॉक्स बनाना है। इन गतिविधियों में प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, परामर्श, और अन्य सहायता शामिल है। श्रीधर वेम्बू, सीईओ और सह-संस्थापक, ज़ोहो कॉर्प ने कहा: हम विशेष रूप से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में नॉलेज सेंटर्स और अनुसंधान एवं विकास व उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निवेश कर रहे हैं। समग्र विकास को विकेंद्रीकृत कर गांवों और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभा का प्रयोग कर  हम एक मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए तकनीकी क्षमताओं और ज्ञान को विकसित करने में सक्षम होंगे। हम दक्षिण भारत में इस तरह की पहल करते चले आ रहे हैं, अब यह साझेदारी हमें इसे उत्तर में भी विस्तारित करने में सहायता करेगी।

जागृति की ओर से बोलते हुए, जेईसीपी के संस्थापक शशांक मणि ने कहा, जोहो और जागृति का उद्देश्य और एक समान हैं। वे दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ भारत के छोटे शहरों और जिलों को में विकास करना चाहते हैं। जागृति एंटरप्राइज सेंटर-पूर्वांचल, और डिजिटल सीओई के लिए यह साझेदारी इन मूल्यों का उदाहरण है और यह साझेदारी रोजगार के अवसर पैदा कर वाले पूर्वांचल में समावेशी विकास को गति देगी। जेईसीपी डिजिटल सीओई के अध्यक्ष शोएब अहमद ने कहा, जागृति टियर 2 और टियर 3 जिलों में उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करने में अग्रणी रही है। यह यात्रा एक दशक पहले हमारे प्रमुख कार्यक्रम जागृति यात्रा के साथ शुरू हुई थी,  जिसने 6,000 उद्यमी नेतृत्व को जन्म दिया है। जेईसीपी और डिजिटल सीओई उसी प्रयास की परिणति हैं, जो पूर्वांचल के लोगों को मध्य भारत में एक विश्व स्तरीय केंद्र प्रदान करने जा रही है।

ज़ोहो कॉर्प के वीपी मार्केटिंग एंड कस्टमर एक्सपीरियंस प्रवल सिंह ने कहा: कोविड -19 महामारी ने साबित कर दिया है कि डिजिटल परिवर्तन एसएमई के लिए महत्वपूर्ण प्रवर्तक है, जो उन्हें बाजार की बदलती परिस्थितियों के अनुकूल होने और उभरते अवसरों का लाभ उठाने की क्षमता प्रदान करता है। डिजिटल सीओई स्थानीय उद्यमों को ज़ोहो के संसाधनों और विशेषज्ञता का उपयोग करके इस अवसर का लाभ उठाने में में सक्षम बनाएगा।

उद्यम के माध्यम से भारत का निर्माण

जागृति, एक प्रसिद्ध गैर-लाभकारी संगठन, जो दो दशकों से अधिक समय से अपनी विभिन्न पहलों के माध्यम से देश के युवाओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती आ रही हैf जागृति का उद्देश्य है कि मध्य भारत के टियर 2 और टियर 3 जिलों में उद्यमशीलता की ऊर्जा का पुनरुद्धार कर क्षेत्र और देश के विकास के लिए संगठित करना है। नेस्टा की एक रिपोर्ट के अनुसार, जागृति महानगरों से इतर उन कुछ इनक्यूबेटरों में से एक है, जो छोटे शहरों और जिलों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पर केंद्रित हैं, जहां रोजगार और उद्यमिता की सबसे ज्यादा आवश्यकता है।

जागृति के बारे में

जागृति, एक गैर-लाभकारी संगठन का मूल उद्देश्य है कि संसाधनों और तकनीकी ज्ञान से समर्थित उद्यमी क्षेत्र और देश के समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उद्यम और रोजगार पैदा कर सकते हैं। जागृति ने उद्यमियों को प्रेरित करके, नेटवर्क बनाकर,  गुणक प्रभाव के साथ उद्यम टेम्पलेट स्थापित करके अपने कार्यों का प्रभावी प्रदर्शन किया है। जागृति ने अपनी गतिविधियों के लिए 3 x I ढांचे पर काम किया है जो टियर 2, टियर 3 जिलों में प्रेरणा, उद्भवन और नवाचार को एक सूत्र में पिरोता है। अपने प्रमुख कार्यक्रम जागृति यात्रा के माध्यम से 6,000 युवा उद्यमियों का एक पूर्व छात्र नेटवर्क बनाया है, जिसमें 40% महिलाओं की भागीदारी और उद्यम निर्माण की दर 28% है।  यह नेटवर्क उनके अपने -अपने क्षेत्रों में आर्थिक गति को उत्प्रेरित करता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया में स्थापित एक दूरदर्शी उद्भवन और नवाचार केंद्र, जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल (जेईसीपी) में एक प्रेरणादायक बरगद के वृक्ष के निकट 6 एकड़ का परिसर है। इस केंद्र में आसपास के 15 जिलों में छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां छह उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) होंगे, जो कृषि-प्रसंस्करण, स्वास्थ्य देखभाल, डिजिटल, महिला, शहरीकरण, और हस्तशिल्प और परिधान में स्थानीय नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

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