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सीएम योगी बोले संक्रमण से लड़ाई में महोबा का कार्य सराहनीय

कानपुर : महोबा के श्रीनगर में मोदी सरकार के सात साल पूरे होने पर भाजपा की ओर से आयोजित संगठन ही सेवा कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की ग्राम पंचायत सिजहरी के पदाधिकारियों व ग्रामीणों को वर्चुअल संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महोबा में संक्रमण से बचाव को लेकर अच्छा काम हुआ है, जल्द ही जिला कोरोना मुक्त हो जाएगा। तीसरी लहर को लेकर तैयारियां चल रही हैं, उससे भी डटकर मुकाबला करेंगे। रविवार को विकास खंड कबरई के ग्राम पंचायत सिजहरी के ग्रामीणों को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। कार्यक्रम गांव के सामुदायिक मिलन केंद्र में आयोजित किया गया। सीएम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजना का लाभ देश के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश ने कोरोना की पहली व दूसरी लहर का डटकर मुकाबला किया हैं। उन्होंने कहा कि साल 2014 में देश में केवल एक एम्स था और अब देश में 22 एम्स संचालित हैं प्रदेश में तीस मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं देश में आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाते हुए दो दो वैक्सीन बनाएं जिसका उपयोग कोरोना महामारी को हराने के लिए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर को लेकर तैयारियां चल रहीं है। जिला अस्पतालों में पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार किए जा रहे हैं। जिस तरह अभी दवा का वितरण किया जा रहा है इसी तरह बच्चों के लिए मेडिसिन किट वितरण किया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान नरेश राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, मंडल अध्यक्ष अनूप सोनी, बूथ अध्यक्ष जय सिंह राजपूत, ग्राम पंचायत अधिकारी अरविंद पाठक, एडीओ कोआपरेटिव गोपाल सिंह समेत भाजपा के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। ग्राम सभा सिजहरी में कोरोना की दूसरी लहर में 31 मरीज संक्रमित मिले। इसमें से 29 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके दो लोगों की मृत्यु हुई है। गांव में 1400 लोगों को वैक्सीनेशन किया जाना था अभी तक प्रथम डोज 1198 लोगों को दी जा चुकी है दूसरी डोज 57 लोगों को दी जा चुकी है। सुपरवाइजर माया सोनी ने बताया कि गांव में 90 प्रतिशत लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है।

मौरंग खदान में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट

कानपुर : यूपी के बांदा जिले में पैलानी थाना क्षेत्र के खप्टिहा कलां के मौरंग खदान में आपसी विवाद के बाद गोलीबारी की घटना सामने आई है। जिसमें एक युवक के दाहिने पैर में गोली लगने से वह लहूलुहान हो गया। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में घायल युवक को बांदा जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया है। युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। बता दें कि पैलानी थाना क्षेत्र के मौरंग खदान में किसी बात को लेकर खदान के कर्मचारियों में आपसी विवाद हो गया। विवाद में किसी ने अवैध तमंचे से फायर झोंक दिया। गोली लगने से एक युवक लहुलुहान हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई। कर्मचारियों ने बताया कि खदान में किसी बात को लेकर आपसी विवाद चल रहा था तभी मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी और भाग निकले। पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

पान, सुर्ती और पान मसाला खाते हैं तो है ब्लैक फंगस होने का खतरा, रहें सावधान

फतेहपुर : विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर एक दवा कंपनी की ओर से आयोजित वेबिनार में विशेषज्ञों ने कोरोना काल में तंबाकू के सेवन को खतरनाक बताया है। विशेषज्ञों ने कहा कि कोरोना का सबसे खराब असर फेफड़ों पर पड़ता है। कोरोना संक्रमण होने से सिगरेट, बीड़ी पीने वालों की तबियत अचानक बिगड़ सकती है और मौत हो सकती है। सिगरेट पीने वालों का सांस तंत्र जल्दी फेल हो जाता है। सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. राजीव कक्कड़, डॉ. संदीप कटियार, डॉ. एसके अवस्थी, डॉ. भरत मेहरोत्रा आदि ने कहा कि बच्चों पर नजर रखें। उन्हें स्मोकिंग की लत न लगने पाए।  चूने से कटे गाल में आसानी से घर बना लेता है ब्लैक फंगस चूने से कटे मुंह में ब्लैक फंगस आसानी से घर बना लेता है। सोमवार को होने वाले नो टोबैको डे के मद्देनजर विशेषज्ञों ने मशविरा दिया है कि पान, सुर्ती और पान मसाला खाने वाले लोग ब्लैक फंगस को दावत दे सकते हैं। उनका कहना है कि वैसे तो मुंह में म्युकस की वजह से कोई बैक्टीरिया और फफूंदी जल्दी टिक नहीं पाती।

चूने की वजह से म्युकस कम होने के साथ खाल मुलायम हो जाती है जिससे ब्लैक, व्हॉइट फंगस आसानी से जड़ जमा लेता है। ऐसे में पान, पान मसाला और सुर्ती खाने वाले अधिक सतर्क रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू खाने से शरीर में निकोटीन की मात्रा अधिक बढ़ती है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर में संक्रमण का फैलाव तेज होता है। इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। रोग की दवा खाने वालों को कोरोना संक्रमण अधिक घातक होता है। जेके कैंसर इंस्टीट्यूट के पूर्व दंत रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेेसर एके मेहरोत्रा ने बताया कि तंबाकू से मुंह की खाल और मसूढ़ों में संक्रमण होता है।

इससे फंगल संक्रमण जल्दी हो सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि ब्लैक फंगस खून की नलियों को जाम कर देती है। इससे वहां का मांस गलने लगता है और संक्रमण हड्डियों तक पहुंच जाता है। डॉ. मेहरोत्रा का कहना है कि ऑन लाइन ओपीडी में इस तरह के रोगी चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस से  बचाव के लिए तंबाकू का सेवन बंद करें। इसके साथ ही एंटी  बायोटिक और एंटी सेप्टिक माउथ वॉश का इस्तेमाल करें।

चूने के कटे मुंह में ब्लैक फंगस आसानी से घर बना लेता है। सोमवार को होने वाले नो टोबैको डे के मद्देनजर विशेषज्ञों ने मशविरा दिया है कि पान, सुर्ती और पान मसाला खाने वाले लोग ब्लैक फंगस को दावत दे सकते हैं। उनका कहना है कि वैसे तो मुंह में म्युकस की वजह से कोई बैक्टीरिया और फफूंदी जल्दी टिक नहीं पाती। चूने की वजह से म्युकस कम होने के साथ खाल मुलायम हो जाती है जिससे ब्लैक, व्हॉइट फंगस आसानी से जड़ जमा लेता है। ऐसे में पान, पान मसाला और सुर्ती खाने वाले अधिक सतर्क रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू खाने से शरीर में निकोटीन की मात्रा अधिक बढ़ती है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर में संक्रमण का फैलाव तेज होता है।

इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। रोग की दवा खाने वालों को कोरोना संक्रमण अधिक घातक होता है। जेके कैंसर इंस्टीट्यूट के पूर्व दंत रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेेसर एके मेहरोत्रा ने बताया कि तंबाकू से मुंह की खाल और मसूढ़ों में संक्रमण होता है। इससे फंगल संक्रमण जल्दी हो सकता है जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि ब्लैक फंगस खून की नलियों को जाम कर देती है। इससे वहां का मांस गलने लगता है और संक्रमण हड्डियों तक पहुंच जाता है। डॉ. मेहरोत्रा का कहना है कि ऑन लाइन ओपीडी में इस तरह के रोगी चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस से  बचाव के लिए तंबाकू का सेवन बंद करें। इसके साथ ही एंटी बायोटिक और एंटी सेप्टिक माउथ वॉश का इस्तेमाल करें।

काल बनकर आई आंधी कच्चे घर पर गिरा पेड़

फतेहपुर : जिले में आंधी के कारण विशालकाय पीपल का पेड़ एक कच्चे मकान पर जा गिरा। पेड़ गिरने से पूरा घर ढह गया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक महिला व उसकी सात वर्षीय बच्ची घायल हो गई। अन्य को पुलिस व ग्रामीणों ने मलबा हटाकर सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिंदकी कोतवाली के गौरी गांव निवासी सुखराम (75), उसकी पत्नी रधिया (70), पुत्र राजू (45), उसकी पत्नी आशा (39) व पुत्र राहुल (20), रोहित (15), मोहित (12), सूरज (10), पुत्री लक्ष्मी (16) व सुखराम का दूसरा पुत्र रामू (36), उसकी पत्नी गीता (30) व बेटी महिमा (7) व सुखराम का तीसरा बेटा राजकुमार (35) रविवार की रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे। सुबह करीब तीन बजे अचानक आंधी चलने लगी। तभी सुखराम के घर के बाहर लगा पीपल का विशालकाय पेड़ तेज आवाज के साथ कच्चे मकान पर आ गिरा। इससे घर ध्वस्त हो गया और सभी लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुन पड़ोस के लोग दौड़ पड़े और पुलिस को खबर दी।

थाना व चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। इसमें बड़े बेटे राजू, रामू की पत्नी गीता व उसकी बेटी महिमा को एंबुलेंस से नजदीक के अस्पताल भेजा गया। जहां राजू को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, जबकि गीता व महिमा को सदर अस्पताल के लिए रेफर किया गया। सुबह एसडीएम बिंदकी, बिंदकी पुलिस, लेखपाल आदि गौरी गांव पहुंचे और हालत का जायजा लिया। एसडीएम ने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर, डीएम अपूर्वा दुबे जिला अस्पताल पहुंची और हादसे में घायल व उनके परिजनों से मिलकर हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में किसी तरह लापरवाही न बरती जाए। अन्य परिवारीजन मामूली रूप से चुटहिल हुए हैं। घर गिरने से सुखराम की एक बकरी की भी मौत हो गई।

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