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कोरोना कर्फ्यू में ढील, एक जून से खुलेंगे बाजार

लखनऊ :  600 से ज्यादा संक्रमितों वाले जिलों को कोई राहत नहीं यूपी सरकार ने प्रदेश के 56 जिलों की जनता को कोरोना कर्फ्यू से बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। इन जिलों में एक जून 2021 की सुबह 7.00 बजे से शाम 7.00 बजे तक सप्ताह के पांच दिन बाजार खुल सकेंगे जबकि शनिवार व रविवार को साप्ताहिक बंदी लागू रहेगी। वहीं, जिन बाकी 19 जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या 600 से ज्यादा है वहां कोई छूट नहीं दी गई है। जारी किए गए आदेश के अनुसार, मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, झांसी, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, जौनपुर, बागपत, मुरादाबाद, गाजीपुर एवं देवरिया में फिलहाल कोई छूट नहीं दी गई है। बिजनौर में भी छूट का फैसला लिया गया। रविवार देर रात यहां सक्रिय केसों की संख्या 600 से कम होकर 450 रह गई।साप्ताहिक बंदी के दौरान पूरे प्रदेश में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन व फॉगिंग का अभियान चलाया जाएगा। दुकानों पर दुकानदार व मौजूद अन्य स्टॉफ के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होगा। उनके लिए मास्क पहनना, दो गज की दूरी का पालन करना और सैनिटाइजर की व्यवस्था रखना जरूरी होगा।

कोरोना के अभियान से जुड़े फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूर्ण उपस्थिति रहेगी और शेष सरकारी कार्यालय अधिकतम 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे और जो 50 प्रतिशत कर्मी रहेंगे, उनको रोटेशन से बुलाया जाएगा। प्रत्येक कार्यालय में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगी। निजी कंपनियों के कार्यालय भी मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी व सैनिटाइजर के प्रयोग की गाइडलाइंस के साथ खुलेंगे। निजी कंपनियां वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को लागू करना प्रोत्साहित करेंगी। प्रत्येक निजी कंपनी में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की अनिवार्यता होगी। औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे और इन संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को अपने आई डी कार्ड या इकाई के प्रमाण-पत्र के आधार पर आने जाने की अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रत्येक औद्योगिक इकाई में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की अनिवार्यता होगी।

रात्रिकालीन कर्फ्यू सायं 7:00 बजे से प्रातः 07: 00 बजे तक लागू रहेगा एवं शनिवार व रविवार को भी साप्ताहिक बन्दी/कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा।बाजार एवं दुकानों को प्रात: 07:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक कोविड कन्टेनमेंट ज़ोन को छोड़कर खोलने की अनुमति सप्ताह में 05 दिन होगी व शनिवार व रविवार साप्ताहिक बन्दी रहेगी।  साप्ताहिक बन्दी में पूरे प्रदेश में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फॉगिंग का अभियान चलाया जाएगा। दुकानों पर दुकानदार व स्टाफ मास्क के लिए की अनिवार्यता, दो गज की दूरी एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यही अनिवार्यता खरीददारों के लिए भी लागू होगी। उल्लंघन होने पर महामारी अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

दुकान बाजार के साथ सुपर मार्केट को मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ खोलने की अनुमति। जिन जनपदों में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या 30 मई  को 600 से अधिक है, में फिलहाल कोई छूट अनुमन्य नहीं। जब इन जनपदों में स्वास्थ्य विभाग की प्रतिदिन कोरोना रिपोर्ट के आधार पर सक्रिय कोराना केस कुल 600 की संख्या से कम हो जायेगी तो इन जनपदों में भी कोरोना कर्फ्यू में इस आदेश में अनुमन्य सभी छूट स्वतः लागू हो जाएगी।

600 से ज्यादा मामले होने पर समाप्त हो जाएगी छूट

यदि किसी जनपद में, जिसमें छूट लाग है, सक्रिय कोरोना केस 600 से अधिक हो जाते हैं तो सम्बन्धित जनपद में कोरोना कर्फ्यू में छूट समाप्त हो जायेगी  शादी समारोह अन्य आयोजनों में बन्द स्थानों अथवा खुले स्थानों पर एक समय में अधिकतम 25 आमंत्रित अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता के साथ अनुमति  होगी।

शव-यात्रा में कोविड -19 के प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए अधिकतम 20 व्यक्ति सम्मिलित हो सकेंगे। 03 पहिया वाहन आटो रिक्शा, बैटरी चलित ई-रिक्शा में चालक सहित 03 व्यक्ति एवं चार पहिया वाहनों पर केवल 04 व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी।

अंडे, मांस एवं मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ  सफाई के साथ बंद स्थान अथवा ढके हुए खोलने की अनुमति होगी। खुले में कोई विक्रय नहीं होगा। कृषि कार्य से सम्बन्धित यथा खाद , बीज व अन्य कृषि निवेश से संबंधित उत्पाद तथा कृषि संयंत्रों की दुकानें खुली रहेंगी। कोचिंग संस्थान , सिनेमा , स्वीमिंग पूल, बार एवं शापिंग मॉल पूर्णतः बन्द रहेंगे।

पुलिस विभाग के 35 निरीक्षकों को मिली पद पर कोटे के अन्तर्गत प्रोन्नति

लखनऊ :पुलिस विभाग में कार्यरत 35 निरीक्षकों को (लिपिक वर्गीय) (गोपनीय, सहायक शाखाआशुलिपिक रिपोर्टर शाखा) को पुलिस उपाधीक्षक (लिपिक वर्गीय) (गोपनीय, सहायक शाखाआशुलिपिक रिपोर्टर शाखा) के पद पर कोटे के अन्तर्गत प्रोन्नति दे दी गयी है। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि प्रोन्नति कोटे में अवधारित 35 रिक्तियों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के 35 निरीक्षक (लिपिक वर्गीय) (गोपनीय, सहायक शाखाआशुलिपिक रिपोर्टर शाखा) को पुलिस उपाधीक्षक (लिपिक वर्गीय) (गोपनीय, सहायक शाखा आशुलिपिक रिपोर्टर शाखा) के पद पर प्रोन्नत किया गया है। यह प्रोन्नतियां साधारण वेतनमान (15,600-39,100, ग्रेड-पे रू0 5400, पुनरीक्षित वेतनमान मैट्रिक्स पे लेवल 10, रु0 56,100-1,77,500) में की गयी।

पुलिस उपाधीक्षक (लिपिक वर्गीय) (गोपनीय, सहायक शाखा/आशुलिपिक रिपोर्टर शाखा) के पद पर प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों में दिनेश कुमार पाण्डेय, आलोक कुमार, कृष्णानन्द वर्मा, प्यारे लाला, शिव कुमार पाल, अवधेश कुमार, संजय कुमार वर्मा, महेन्द्र कुमार पन्त, अरविन्द कुमार त्यागी, मु. सईद खां, संजय कुमार अग्रवाल, प्रदीप कुमार गुप्ता, लाल प्रताप सिंहशिवज्ञान सिंह, संतोष दयाल, श्रीमती मेराज बेगम, संजय कुमार गुप्ता, राम लखन यादव नागेन्द्र कुमार गुप्ता, विजय शंकर त्रिपाठी, पारसनाथ पाण्डेय, मो. राशिद खान, अम्बरीश कुमार दीक्षित, बृजेश कुमार गुप्ता, सुरेश चन्द्र शर्मा, मनोज कुमार, मुकेश चन्द्र, मो. इश्तियाक, तेज बहादुर सिंह, सैयद सरदार इबने हसन रिजवी, हृदय शंकर उपाध्याय, संजीव कुमार सक्सेना, अनिल कुमार मिश्र, शरद कुमार जैन व संजीव सक्सेना हैं।

क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बनकर महिला को फंसाया

लखनऊ : हिंदू बनकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया। उस पर रौब जमाने के लिए खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। युवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान वीडियो बना ली। अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। उसका धर्म बदलवा दिया। फिर निकाह कर ली। वहीं जब युवती को पता चला कि जिससे उसने निकाह किया है। उसकी पहले से तीन पत्नी  और सात बच्चे हैं। पीड़िता के होश उड़ गये। इंदिरानगर थाने में शनिवार रात को मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी की तलाश में दबिश दी। रविवार सुबह आरोपी आबिद हावरी उर्फ आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर अजय प्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक आरोपी आबिद हावरी उर्फ आदित्य सिंह की युवती से पहली मुलाकात 2015 में हुई थी। आबिद युवती के घर किराए पर कमरा लेने गया था।  वहां कमरा लेने के लिए उसने अपना नाम आदित्य प्रताप सिंह बताया था। उसी समय युवती का मोबाइल नंबर भी ले लिया था। इसके बाद बातचीत शुरू की। युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया। पुलिस के मुताबिक आबिद मूलरूप से आजमगढ़ के बखरा फूलपुर का रहने वाला है। लखनऊ में उसने सुशांत गोल्फ सिटी के क्रिस्टल पैराडाइज के ई-ब्लॉक में रहता था।  सुशांत गोल्फ सिटी  वाले फ्लैट में उसने अपना कार्यालय खोल रखा था। पुलिस के मुताबिक कई असलहे रखे हैं। कई फाइलों में पुलिस से संबंधित फर्जी दस्तावेज पुलिस ने बरामद किये। यही दस्तावेज देखकर युवती को विश्वास हो गया। युवती को आबिद कई बार लेकर गया था। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान युवती की अश्लील वीडियो बनाई। उसे वायरल करने की धमकी दी।

इसके बाद आरोपी ने 12 मई 2016 को जबरन डरा धमकाकर महिला के घर में ही उससे निकाह किया। पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद आबिद उसे अपने घर ले गया। वहां पर उसका नाम बदलकर आयशा के नाम से मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड बनवाया। आए दिन प्रताड़ित करता था। इस दौरान पता चला कि तीन शादियां पहले वह और कर चुका है। जिनसे उसके सात बच्चे हैं। पीड़िता के मुताबिक आबिद अपनी गाड़ी में पुलिस का लोगो लगाकर  उसके घर आता था। वर्दी कभी नहीं पहनकर आया वह वर्दी में फोटो दिखाता था। पूछने पर बोलता था कि क्राइम ब्रांच वाले वर्दी में नहीं रहते हैं। उसने अपनी पोस्टिंग बाराबंकी क्राइम ब्रांच, हैदरगढ़, सुलतानपुर में बताई। पीड़िता ने बताया कि आबिद अपने गांव बखरा  से पंचायत चुनाव भी लड़ चुका है।

दिनभर मोबाइल पर बातें करने से मना करने पर युवती गोमती नदी में कूदी

लखनऊ : मड़ियांव थाना क्षेत्र में घैला पुल के पास रविवार शाम एक युवती ने गोमती में छलांग लगा दी। आसपास लोगों ने उसे नदी में कूदते देख शोर मचाया तो सामने स्थित पुलिस चौकी पर बैठे पॉलीगॉन बाइक के दो सिपाही गौरीशंकर व सुमित तुरंत मौके पर पहुंचे और नदी से युवती को सकुशल बाहर निकाल लिया। परिवारीजनों को बुलाकर युवती को घर भेज दिया गया है मड़ियांव इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि युवती राजाजीपुरम इलाके में मीना बेकरी के पास की रहने वाली है। दिनभर मोबाइल चलाने पर परिवारीजनों की डांट से क्षुब्ध होकर जान देने के इरादे से वह नदी में कूदी थी। परिवारीजनों को बुलाकर युवती को उनके सुपुर्द कर दिया गया है।

ब्लैक फंगस के 14 नए मरीज

लखनऊ : राजधानी में रविवार को ब्लैक फंगस के 14 नए मरीज मिले जबकि तीन लोगों की जान चली गई। अब तक ब्लैक फंगस से 35 मरीजों की जान जा चुकी है। जबकि 130 से ज्यादा का ऑपरेशन किया जा चुका है। वहीं, अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 334 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। लखनऊ में पूरे प्रदेश से ब्लैक फंगस के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। ब्लैक फंगस प्रोटोकॉल में कुछ ही अस्पताल को इलाज की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में सबसे ज्यादा मरीजों का दबाव केजीएमयू पर है।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार, ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए 24 घंटे के भीतर 12 मरीजों के ऑपरेशन किए गए। रविवार को 11 नए मरीज भर्ती किए गएअभी तक ब्लैक फंगस के 218 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। वहीं, एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका अर्जुनगंज निवासी 65 वर्षीय महिला थीं। वहीं, पीजीआई में दो नए मरीज भर्ती किए गए हैं। तबीयत में सुधार के बाद एक मरीज को छुट्टी दे दी गई। वहीं एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। अब तक यहां कुल 44 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। इसी तरह लोहिया संस्थान में अब तक कुल 28 मरीज भर्ती किये जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में इलाज के दौरान एक मरीज ने दम तोड़ दिया और एक ही मरीज भर्ती किया गया।

डॉ. शाहिद की 10 साल की बेटी जोया को अगवा करने का प्रयास

लखनऊ : ठाकुरगंज के बालागंज कैंपवेल रोड निवासी डॉ. शाहिद की 10 साल की बेटी जोया को 26 मई को अगवा करने का प्रयास किया गया। वारदात को अंजाम देने में असफल युवक उनके घर के चक्कर लगाने लगा। बेटी की सुरक्षा की गुहार और संदिग्ध युवक पर कार्रवाई के लिए थाने में संपर्क किया लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। इसके बाद वह एसीपी चौक से मिले। एसीपी आइपी सिंह के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं एसीपी चौक ने डॉक्टर को सुरक्षा का आश्वासन दिया।

एसीपी चौक आइपी सिंह ने बच्ची के पिता से मुलाकात कर उनकी बेटी की सुरक्षा की हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जानकारी के मुताबिक कैम्पवेल रोड अमन विहार निवासी डा. शाहिद की बेटी जोया खान बीते 26 मई को घर के पास में स्थित दुकान से कुछ सामान लेने गई थी। इस बीच उसे एक युवक मिला उसने चाकलेट दिलाने का झांसा देकर पहले बच्ची को अपने साथ ले जाने की कोशिश की। बच्ची के मना करने पर वह उसे उठाकर ले जाने लगा। बच्ची के शोर मचाने पर आस पड़ोस के लोग दौड़े तो वह भाग निकला। बच्ची के जानकारी देने पर डा. शाहिद ने दुकान के पास लगे सीसी कैमरे की पड़ताल की तो उसमें संदिग्ध युवक की फुटेज दिखी। वह मास्क लगाए था। फुटेज और तहरीर लेकर कार्यवाही की मांग को लेकर डा. ठाकुरगंज थाने पहुंचे। वहां तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें टकरा दिया। इसके बाद तीन दिन तक थाने के चक्कर काटते रहे। रविवार को उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद उनके आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद पीड़ित एसीपी चौक आइपी सिंह के पास पहुंचा। आइपी सिंह ने पीड़ित डा. को बच्ची की सुरक्षा का आश्वासन दिया।

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