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हर जरूरतमंद को भरण पोषण भत्ता व मुफ्त राशन देगी योगी सरकार, अफसरों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश  : सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों का सामना कर रहे जरूरतमंद लोगों को भरण-पोषण भत्ता देने की तैयारी फिर शुरू कर दी है। आवश्यकता के अनुसार लोगों को निशुल्क राशन भी देने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के जीवन और जीविका के लिए प्रतिबद्ध है। मौजूदा हालात में लोगों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। गत वर्ष अंत्योदय, पात्र गृहस्थी, प्रवासी मजदूरों, मनरेगा श्रमिकों, पटरी दुकानदारों आदि को निशुल्क राशन उपलब्ध कराया गया था। पंजीकृत व गैर पंजीकृत श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर, पल्लेदार व कुली आदि को भरण-पोषण भत्ता दिया गया था। उन्होंने इस विवरण को अपडेट करने और जरूरतमंदों को हर संभव मदद करने के लिए कार्ययोजना बनाएं। पिछले वर्ष कोविड काल में भरण-पोषण भत्ता व राशन की सहायता लोगों के लिए बड़ा संबल था। इस वर्ष भी सभी श्रमिकों, गरीब परिवारों को वित्तीय सहायता और राशन प्रदान किया जाएगा।

क्वारंटीन सेंटरों में चाक चौबंद व्यवस्था करें

मुख्यमंत्री ने कोरोना के बढ़ते प्रसार को ध्यान में रखते हुए दूसरे प्रदेशों से पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों की जरूरतों की पूर्ति के आदेश भी दिए हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से पलायन कर आ रहे मजदूरों के लिए क्वारंटीन सेंटरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। क्वारंटीन सेंटरों में चिकित्सीय सुविधाओं के साथ खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। सीएम को बताया गया कि शुक्रवार तक 60 जिलों में ऐसे क्वारंटीन सेंटर सक्रिय कर दिए गए हैं।

साप्ताहिक बंदी के दौरान इन उद्योगों को सरकार ने दी राहत पहले से तय शादियों में भी शर्तों के साथ छूट

 लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि 35 घंटे के कोरोना कर्फ्यू के दौरान पहले से कोरोना जंग में सीधा संबंध रखने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगेगी। मतलब फर्मासिस्ट, सैनिटाइजर मेकिंग और इससे जुड़े अन्य उद्योगों के मजदूरों को आने-जाने की छूट रहेगी। वहीं, पहले से तय शादियों में भी सरकार ने शर्तों के साथ छूट दी है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि शादियों में खुले स्थान पर 100 लोग और बंद स्थान पर 50 लोगों को प्रतिबंधों और कोविड प्रोटोकाल के साथ आयोजन में शामिल होने की अनुमति दी गई है सभी तरह की परीक्षाएं जो रविवार को आयोजित हैं उनमें छात्रों को उनके आईकार्ड या प्रवेश पत्र के आधार पर परीक्षा केंद्रों तक जाने की छूट दी गई है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी आधी क्षमता के साथ संचालित होगा। अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति रहेगी।

बता दें कि शुक्रवार को यूपी में 27,426 कोरोना के नए संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, लखनऊ में रिकॉर्ड 6598 नए मरीज मिले हैं। जिसको देखते हुए प्रदेश में शनिवार रात आठ बजे से 35 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया है। इस दौरान सभी जिलों में अग्निशमन विभाग स्वच्छता व सफाई का विशेष अभियान चलाकर सैनिटाइजेशन व फॉगिंग कराएगाा। यही नहीं, अगले आदेश तक पूरे प्रदेश में अब हर रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। जिन जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है वह जारी रहेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ वर्चुअल बैठक में मास्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बिना मास्क बाहर निकलने पर पहली बार एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यही नहीं, शत प्रतिशत लोगों को मास्क पहनना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना सुनिश्चित करना होगा। स्थानीय स्तर पर इसकी जिम्मेदारी थानेदारों की होगी। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अफसर इसके लिए चेकिंग अभियान चलाएंगे।

टीम -11 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश

लखनऊ  : कोविड मरीजों की चिकित्सकीय सुविधा को सुदृढ़ रखने के दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू है। प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति शीघ्र 10 नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस कार्य में डीआरडीओ का सहयोग मिल रहा है। 10 नवीन ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के संबंध में स्थान का चिन्हांकन कर आज से ही युद्धस्तर पर कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव स्वास्थय इस पूरी कार्यवाही पर सीधी नजर रखेंगे। लखनऊ स्थित अवध शिल्प ग्राम में एचएएल के सहयोग से एक नया सर्व सुविधायुक्त कोविड हॉस्पिटल तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग एचएएल से समन्वय स्थापित कर इस अतिमहत्वपूर्ण कार्य को तत्काल क्रियाशील करे।

रविवार को घोषित साप्ताहिक बन्दी कोविड संक्रमण के प्रसार को न्यूनतम रखने के लिए लागू किया जा रहा है। सभी जनपदों में इसे प्रभावी बनाया जाए। इस अवधि में पूर्व निर्धारित परीक्षाएं हो सकेंगी। अभ्यर्थी प्रवेश पत्र दिखाकर आवागमन कर सकेंगे। सार्वजनिक परिवहन आधी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। साप्ताहिक बन्दी के दौरान औद्योगिक इकाइयों को बन्दी से छूट होगी।

सरकारी अस्पतालों में, इमरजेंसी सेवाओं तथा आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, जनरल ओपीडी का संचालन स्थगित किया जाए। टेलीमेडिसिन को प्रोत्साहित किया जाए, ई-संजीवनी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंआवश्यकतानुसार अधिकाधिक लोग टेलीमेडिसिन का लाभ ले सकें, इस हेतु चिकित्सकों के नाम, विशेषज्ञता आदि के सम्बंध में विधिवत प्रचार-प्रसार कराया जाए।

मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन 16 मई तक स्थगित रहेगा। 

साप्ताहिक बन्दी के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सेवाएं एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति यथावत जारी रहेगी। इस अवधि में स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन का वृहद अभियान चलाया जाए। पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 के मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी का कार्य संचालित होता रहेगा।

साप्ताहिक बन्दी के दौरान शादी-विवाह आदि के पूर्व निर्धारित कार्य कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सम्पन्न होंगे। बंद हॉल में अधिकतम 50 एवं खुले मैदान पर होने वाले आयोजनों में अधिकतम 100 लोग ही उपस्थित हो सकते हैं। इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए।

सभी जनपदों के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की अनवरत आपूर्ति बनी रहे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति के संबंध में स्थापित कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे। ऑक्सीजन उपलब्धता की दैनिक समीक्षा करें। प्रत्येक जनपद में चिकित्सा कर्मियों, कोविड बेड, दवाओं, मेडिकल उपकरणों तथा ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता हमेशी बनी रहे।एम्बुलेंस सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो। किसी प्रकार की आवश्यकता पर शासन को अवगत कराएं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग रेमिडीसीवीर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। सभी अस्पतालों में अगले 36 घंटों के लिए अनुमानित ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। रेमिडीसीवीर सहित किसी भी प्रकार के जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है। राज्य मंत्री अतुल गर्ग इस कार्य की सतत मॉनिटरिंग करेंगे।

रोशन जैकब ने संभाला लखनऊ जिलाधिकारी का प्रभार

लखनऊ : कोरोना यूपी में जमकर कहर बरपा रहा है। शनिवार को प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी भी कोरोना संक्रमित हो गए। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। वहीं लखनऊ जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के संक्रमित होने के बाद आईएएस अफसर रोशन जैकब ने जिलाधिकारी लखनऊ का प्रभार संभाला है। वह सचिव भूतत्व खनिकर्म व निदेशक के पद अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा वह स्टाम्प रजिस्ट्रेशन के महानिरीक्षक की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आईएएस जैकब 2004 बैच के सचिव स्तर के अधिकारी हैं।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सचिव आलोक कुमार भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है। बता दें कि शुक्रवार को यूपी में 27,426 कोरोना के नए संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, लखनऊ में रिकॉर्ड 6598 नए मरीज मिले हैं। जिसको देखते हुए प्रदेश में शनिवार रात आठ बजे से 35 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया है। इस दौरान सभी जिलों में अग्निशमन विभाग स्वच्छता व सफाई का विशेष अभियान चलाकर सैनिटाइजेशन व फॉगिंग कराएगाा। यही नहीं, अगले आदेश तक पूरे प्रदेश में अब हर रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। जिन जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है वह जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ शुक्रवार को वर्चुअल बैठक में मास्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बिना मास्क बाहर निकलने पर पहली बार एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यही नहीं, शत प्रतिशत लोगों को मास्क पहनना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना सुनिश्चित करना होगा। स्थानीय स्तर पर इसकी जिम्मेदारी थानेदारों की होगी। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अफसर इसके लिए चेकिंग अभियान चलाएंगे।

गाजियाबाद-नोएडा समेत यूपी में आज रात से कर्फ्यू  उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

लखनऊ : कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए योगी सरकार ने पूरे प्रदेश में 35 घंटे का कोरोना कर्फ्यू लगाया है। गाजियाबाद और नोएडा समेत यह कर्फ्यू आज रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक रहेगा। इस दौरान सभी जिलों में अग्निशमन विभाग स्वच्छता व सफाई का विशेष अभियान चलाकर सैनिटाइजेशन व फॉगिंग किया जाएगा। इस दौरान केवल आवश्यक वस्तुओं के लिए छूट होगी।

यही नहीं, पूरे प्रदेश में अब हर रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। जिन जिलों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है, वह जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ शुक्रवार को वर्चुअल बैठक में यह फैसला लिया गया। मास्क न पहनने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। बिना मास्क के बाहर निकलने पर पहली बार में एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। इसके बाद भी नहीं माने तो दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना लगेगा। शत प्रतिशत लोगों को मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना सुनिश्चित करना होगा।

मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय स्तर पर थानेदारों की जिम्मेदारी होगी कि वे इसका पालन कराएं। ऐसा न होने पर संबंधित थानेदार के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। सभी पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अफसर खुद चेकिंग अभियान चलाएंगे।

लखनऊ में बनेगा एक हजार बेड का नया कोविड अस्पताल

लखनऊ  : कोरोना संक्रमितों के लिए लखनऊ में एक हजार बेड का नया कोविड अस्पताल बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल डिफेंस एक्सपो आयोजन स्थल पर डीआरडीओ के सहयोग से अतिशीघ्र बनेगा। इसी तरह केजीएमयू और बलरामपुर हॉस्पिटल को 24 घंटे में डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में परिवर्तित कर सिर्फ कोविड मरीजों का इलाज किया जाएगा।

अगले आदेश तक सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं भी स्थगित रहेंगी। हालांकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। ओपीडी मरीजों को टेली कंसल्टेंसी के जरिए इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

5000 अतिरिक्त बेड होंगे राजधानी में

दो नए डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के संचालन से लखनऊ में लगभग 4000 बेड का विस्तार होगा। डिफेंस एक्सपो वाली जगह पर अस्पताल बन जाने के बाद कुल 5000 अतिरिक्त बेड उपलब्ध हो जाएंगे।

संत-धर्माचार्यों ने की अपील, घर पर ही मनाएं रामनवमी का उत्सव

अयोध्या: कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने हर किसी को चिंतित कर दिया है। संक्रमण के दौरान ही रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मोत्सव का पावन पर्व संचालित है। रामजन्मोत्सव का मुख्य पर्व 21 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। रामजन्मोत्सव के अवसर पर अयोध्या में 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है लेकिन इस वर्ष बेकाबू कोरोना ने रामनवमी के उल्लास में ग्रहण लगा दिया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते रामनवमी में भीड़ पर रोक लगा दी गई है तो वहीं रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने भी भक्तों से अपील की है कि वे घरों पर रहकर ही पूजा अर्चना करें। संतों ने कहा है कि भक्त नवरात्र में मंदिरों में न जाकर घरों में ही माता की उपासना करें।

मास्क लगाएं करें सामाजिक दूरी का पालन

रामजन्मभूमि के मुख्य आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इस समय हमें स्वयं को घर में बंद रखने की आवश्यकता है। कोरोना वायरस अभी तक हमारे द्वारा जीता नहीं जा सका है। उसके निराकरण का उपाय नहीं मिल पा रहा है। जब तक कोरोना के शमन का मार्ग प्रशस्त नहीं हो जाता तब तक मास्क, सामाजिक दूरी का पालन करना अति आवश्यक है, यही एक मात्र रास्ता है जिससे कोरोनो को मात दी जा सकती है।

घर में पूजा के साथ रोजाना करें हवन

नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिरों में भीड़ न लगाएं। घर पर ही रहकर पूज अर्चना करें। साथ ही साथ रोजाना हवन करें। इससे वातावरण शुद्ध होगा और विषाणुओं को दूर करने में मदद मिलेगी। मास्क लगाकर, सामाजिक दूरी अपनाकर संक्रमण को फैलने से रोका जा

घर में पूजा के साथ रोजाना करें हवन

नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिरों में भीड़ न लगाएं। घर पर ही रहकर पूज-अर्चना करें। साथ ही साथ रोजाना हवन करें। इससे वातावरण शुद्ध होगा और विषाणुओं को दूर करने में मदद मिलेगी। मास्क लगाकर, सामाजिक दूरी अपनाकर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। हमें भक्ति के मार्ग के साथ-साथ कोरोन प्रोटोकॉल का भी पालन करना होगा।

समाज पर भारी पड़ सकती है लापरवाही

उदासीन आश्रम रानोपाली के महंत डॉ. भरत दास का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेहद चिंताजनक है। ऐसे में पूजा-अर्चना के लिए घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। जरा सी लापरवाही पूरे समाज पर भारी पड़ सकती है। घर में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाए तो वह फलदाई होती है। धर्म कर्म के साथ-साथ सामाजिक समस्या की चिंता भी जरूरी है, इसलिए घर पर ही रहक पूजा-अर्चना करें।

मंदिरों में अनावश्यक भीड़ न लगाएं

बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण का कहना है कि वैश्विक महामारी से लड़ने में हम सभी को अपनी भूमिका अदा करनी होगी। नवरात्र व राम जन्मोत्सव का पर्व घर पर ही रहकर मनाएं। मंदिरों में अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्रित करना समाज के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोरोना वायरस के प्रसार को फैलने से अपने स्तर से रोकने का उपक्रम करते रहें।

वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करेगा लखनऊ विश्वविद्यालय

लखनऊ : विश्वविद्यालय भी टीकाकरण उत्सव में भाग लेकर इसे सफल बनाने के लिए मुहिम चलाएगा। इसके लिए विवि योग्य शिक्षक एवं कर्मचारियों के साथ उनके परिजनों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करेगा। कई अन्य कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जागरूक करेगा। इसी कड़ी में शिक्षा-शास्त्र संकाय सोशल मीडिया में जन जागरूकता अभियान चलाएगा। इसके अलावा एनसीसी बटालियन नारों एवं पोस्टरों के माध्यम से 12 अप्रैल को टीकाकरण उत्सव का प्रचार-प्रसार करेगी।

13 अप्रैल को जन संवाद और भाषण से लोगों को प्रेरित करेगी। उत्सव के अंतिम दिन प्रेरक कविताओं द्वारा लोगों को प्रोत्साहित करेगी। विश्वविद्यालय के संस्कृत की द्वारा पोस्टर और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसका विषय टीकाकरण के लिए प्रेरित करना है। इसी कड़ी में रविवार को विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने शहर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर आम लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में बिना मास्क के आने वाले लोगों को मास्क भी वितरित किए।

बीबीएयू खुला लेकिन हॉस्टल बंद, पुनर्वास विश्वविद्यालय 20 अप्रैल तक बंद

लखनऊ : शासन के निर्देश व नैक निरीक्षण के मद्देनजर एक सप्ताह बाद शुक्रवार से बीबीएयू के कार्यालय भी खुल गए। रजिस्ट्रार प्रो. एस विक्टर बाबू की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि डीन व हेड की बैठक में निर्णय के अनुसार विवि के कार्यालय व विभाग शासन-प्रशासन के निर्देश अनुसार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खोले जा सकेंगे। मात्र 50% कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा।

कक्षाएं अगले आदेश तक ऑनलाइन ही होंगी। कोई कर्मचारी बिना अनुमति के शहर से बाहर नहीं छोड़ेगा। वहीं, विवि प्रशासन ने 15 अप्रैल से हॉस्टल बंद कर दिया है। स्थिति सामान्य होने पर इसे दोबारा खोला जाएगा। उधर, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अभी कार्यालय नहीं खुलेंगे। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि विवि 16 से 20 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं, ऑनलाइन क्लास 30 अप्रैल तक चलेंगी। डीन-हेड ऑनलाइन क्लास का पर्यवेक्षण कर अभिलेख सुरक्षित रखेंगे। विवि में विद्यार्थियों की उपस्थिति नहीं होगी। कोई भी शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।

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