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दूसरी बार बिना मास्क पकड़े जाने पर होगा 10 हजार का जुर्माना, फोटो भी होगी सार्वजनिक

लखनऊ : प्रदेश में सोमवार को 28,287 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। वहीं 10978 मरीजों के डिस्चार्ज होने से थोड़ी राहत भी रही। हालांकि कुल 167 मरीजों की संक्रमण के कारण मौत भी हो गई। प्रदेश में एक्टिव केस अब 2,08,523 हो गए हैं।  वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि पूरे प्रदेश में मास्क के अनिवार्य उपयोग को सख्ती से लागू करें। पहली बार बिना मास्क के पकड़े जाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना तथा दूसरी बार बगैर मास्क पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। 10,000 रुपये जुर्माना देने वालों की फोटो को सार्वजनिक करें।

सीएम ने कहा कि इससे लोगों में मास्क पहनने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। स्वास्थ्य विभाग से जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक कुल 8,79,831 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 6,61,311 संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, कुल 9997 की अब तक मौत हो चुकी है।  सोमवार को लखनऊ में 5897, वाराणसी में 2668, प्रयागराज में 1576, कानपुर नगर में 1365, मेरठ में 911, गाजियाबाद में 827, गोरखपुर में 810, सुल्तानपुर में 715, झांसी में 632, मुजफ्फरनगर में 566, रायबरेली में 548, बलिया में 500 मरीज मिले हैं। जबकि सबसे अधिक 22 मरीजों की मौत लखनऊ में हुई है। इसके अलावा कानपुर नगर में 18, वाराणसी में 10, प्रयागराज में 9 मरीजों की मौत हुई है।

कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर माने जा रहे रेमडेसिविर के 25 हजार इंजेक्शन की दूसरी खेप प्रदेश को मंगलवार को मिल जाएगी। इससे पहले भी 25 हजार इंजेक्शन मिल चुके हैं। सरकार को उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिनों में इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद आइसोलेशन में रहते हुए ऑक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम के साथ सोमवार को टीम-11 की हुई वर्चुअल बैठक में बताया गया कि दवा कंपनियों को 2,75,000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड भेजी गई है। सीएम के आदेश पर अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल दवा निर्माता कंपनियों से संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि कंपनियां अगले दो से तीन दिनों में आपूर्ति कर देंगी।

कोरोना से हालात बेकाबू, सरकार का प्रशासन पर नियंत्रण खत्म बोले अखिलेश

लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा सरकार ने प्रशासन पर नियंत्रण खो दिया है। वैज्ञानिकों व वरिष्ठ डॉक्टरों की तमाम चेतावनी को अनसुना कर मुख्यमंत्री स्टार प्रचारक बनकर दूसरे प्रदेशों के दौरे पर निकल गए। इधर उनकी टीम-11 विश्राम में चली गई और अब प्रदेश में हालात पूरी तरह बेकाबू हैं।

अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण नहीं रुक पा रहा है। मौतों में लगातार वृद्धि हो रही है। भाजपा सरकार आज भी बैठकों से खानापूर्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि बरेली में श्मशान भूमि कम पड़ गई। प्रयागराज में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। गाजियाबाद, आगरा और कानपुर में भी बुरे हालात हैं।वहीं, लखनऊ में लोगों को एंबुलेंस नहीं मिल रही है और न ही अस्पतालों में मरीजों की भर्ती हो रही है। मरीज सड़क और स्ट्रेचर पर दम तोड़ रहे हैं। डॉक्टर भी संक्रमित हो रहे हैं। जो साहस के साथ सेवा में लगे हैं, उन्हें प्रशासन परेशान कर रहा है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और ऑक्सीजन की कमी जानलेवा साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपाई हालात संभाल नहीं पा रहे हैं तो कुर्सी छोड़ें। जिससे जनता की जिंदगी से और खिलवाड़ बंद हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी में बढ़ते कोविड संक्रमण पर सीएम योगी से की बात

लखनऊ : यूपी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण व आम लोगों की बढ़ती नाराजगी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति, कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों तथा प्राइवेट पैथलॉजी में कोविड जांच न कराए जाने की अनुमति दिए जाने संबंधी आरोपों को लेकर जानकारी प्राप्त की।  प्रधानमंत्री मोदी न सिर्फ यूपी से सांसद हैं बल्कि उनकी सरकार में सबसे मजबूत हिस्सेदारी यूपी की है। कोविड संक्रमण को लेकर प्रदेश की प्रशासनिक तैयारियां व रणनीति पूरी तरह फेल साबित हुई है। लोगों को संक्रमण की जांच, इलाज के लिए बेड व इमरजेंसी दवाओं व जरूरत पर ऑक्सीजन के लिए भटकते व छटपटाना पड़ा है। समय पर बेड व इलाज न मिलने से कई लोगों को जान गवां देनी पड़ी है।

सरकार के मंत्री, सांसद और जिम्मेदार कार्यकर्ता लगातार व्यवस्था की खामियों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार के खिलाफ बढ़ती नाराजगी को भांपकर प्रधानमंत्री मोदी खुद आगे आए हैं। उन्होंने कोविड संक्रमण की रोकथाम व प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री से जिस तरह एक-एक बात की जानकारी ली है, उससे आने वाले दिनों में केंद्र की मदद का दायरा बढ़ सकता है।

हर बिंदु पर योगी ने दी विस्तार से दी जानकारी

संक्रमण की रोकथाम पर: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि सरकार कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। आईसीयू बेड्स की उपलब्धता के साथ-साथ आक्सीजन की अनवरत आपूर्ति, ट्रैक और ट्रेस करते हुए व्यापक टेस्टिंग की रणनीति पर काम हो रहा है।

निजी प्रयोगशालाओं द्वारा आरटीपीसीआर टेस्ट

मुख्यमंत्री ने मोदी को बताया कि प्रदेश में 104 निजी प्रयोगशालाएं तथा 125 सार्वजनिक क्षेत्र की प्रयोगशालाएं कोविड टेस्ट कार्य कर रही हैं। अब तक 3 करोड़ 84 लाख से अधिक टेस्ट हुए हैं। 18 अप्रैल को निजी प्रयोगशालाओं ने 19 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट किए हैं। उन्होंने मोदी को यह भी बताया कि समस्त जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिले में निजी प्रयोगशालाओं की आरटीपीसीआर टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने का प्रयास करने और इस क्षमता वृद्धि का पूरा उपयोग करने का निर्देश दे दिया गया है। प्रदेश ने तय किया है कि यदि निजी प्रयोगशालाओं के पास आरटीपीसीआर जांच के लिए पर्याप्त सैम्पल नहीं हैं तो जिला प्रशासन सरकारी संस्थाओं द्वारा संकलित सैम्पल आरटीपीसीआर जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं को भेजें। इसके लिए 500 रुपये प्रति सैम्पल की दर से भुगतान किया जाएगा।

निजी प्रयोगशालाओं से जांच न कराने पर: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि कुछ स्वार्थी तत्व यह अफवाह फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं कि निजी प्रयोगशालाएं कोविड जांच नही कर रही हैं। वास्तविकता इसके विपरीत है। प्रदेश में अभी तक करीब 17 लाख कोविड टेस्ट निजी प्रयोगशालाओं ने किए हैं। इनमें 8,84,330 आरटीपीसीआर टेस्ट, 3,18,278 ट्रू नैट टेस्ट तथा 4,98,372 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा निजी लैब की क्षमता के अनुरूप टेस्टिंग कार्य कराया जा रहा है। इसके बारे में मीडिया के माध्यम से जानकारी भी दी जा रही है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार कार्रवाई भी करेगी

एंबुलेंस प्रकरण : डॉ. अलका राय और उनका सहयोगी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

लखनऊ : मुख्तार अंसारी एंबुलेंस प्रकरण में नामजद डॉ अलका राय व उनके सहयोगी को बाराबंकी पुलिस ने मऊ स्थित उनके आवास से सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उन्हें बाराबंकी ले आई है। यहां उनसे पूछताछ की जाएगी। मुख्तार अंसारी को पंजाब में कोर्ट ले जाने के बाद एंबुलेंस चर्चा में आई थी। जांच में पता चला था कि यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत कराई गई थी। इसके बाद एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ अलका राय को नामजद किया था। बाद में उनसे पूछताछ के बाद मुख्तार अंसारी को भी प्रकरण में सह अभियुक्त बनाया गया था। इसमें मुख्तार के करीबी राजनाथ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि बिना कागजात और फिटनेस के प्रयोग में लाई गई एंबुलेंस के मामले में बाराबंकी में केस दर्ज किया गया था। बाराबंकी पुलिस ने इस मामले में मऊ की भाजपा नेता डॉक्टर अलका राय के अस्पताल का नाम आने के बाद मऊ जाकर पड़ताल की। इस मामले में मुख्तार के खास राजनाथ यादव को पकड़ा गया। बाराबंकी पुलिस जब मऊ गई थी तो डॉक्टर अलका राय के बयान के आधार पर मऊ के थाना सराय लखनी के अहिरौली गांव निवासी राजनाथ यादव को पकड़ा था। उस पर आरोप है कि उसने डॉक्टर राय पर एंबुलेंस को लेकर दबाव बनाया था। उससे पूछताछ के बाद बाराबंकी पुलिस ने सोमवार रात मऊ से डॉ. अलका राय और उनके भाई को गिरफ्तार किया है।

परिषदीय स्कूलों के शिक्षक घर से कर सकेंगे

उत्तर प्रदेश  : में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को घर से काम करने की मंजूरी दे दी है।  परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। आदेश के मुताबिक जिला प्रशासन या सक्षम अधिकारी की ओर से शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को दिए गए प्रशासकीय कार्य और जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपस्थित होना होगा।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में हालात ऐसे हैं कि यूपी सरकार ने मंगलवार से हर रोज रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है। इस आदेश के अनुसार, प्रदेश में प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेश में साप्ता(लॉकडाउन)  प्रभावी रहेगी। इसके अतिरिक्त जिन जिलों में 500 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां हर दिन रात्रि 08 बजे से अगले दिन प्रातः 07 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना कर्फ्यू को सफल बनाने में हर नागरिक का योगदान है। जहां तक जरूरी हो, घर से बाहर न निकलें। पर्व और त्योहार घर पर ही मनाएं। निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ न हो। इसे कड़ाई से लागू किया जाए। प्रदेश में सोमवार को 28287 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। थोड़ी राहत ये रही कि 10978  मरीज डिस्चार्ज भी किए गए हैं। प्रदेश भर में करीब 167 मरीजों की मौत संक्रमण से हुई है। अब प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 208523 है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब तक 8,79,831 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनमें से 6,61,311 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इस दौरान कुल 9997 मरीजों की मौत हुई है।

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