Lucknow Breaking News

0 136

स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कराई योगी सरकार की फजीहत, अफसरों पर कार्रवाई होना तय

उत्तर प्रदेश  : में कोरोना के तेजी से फैलने के बाद इसके रोकथाम के प्रबंधन में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग पूरी तरह विफल रहा है। सूत्रों का कहना है कि स्थिति कुछ सामान्य होते ही दोनों विभागों के आला अफसरों पर गाज गिर सकती है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार तत्काल कोई कार्रवाई से बच रही है। कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद जिस तरह से अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था को लेकर खामियां सामने आई। इसने महामारी से निपटने के सरकारी दावों की पोल खोल कर रख दी है। इससे सरकार की काफी किरकिरी हुई।

पिछले साल कोरोना संक्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने इस महामारी से लड़ाई के लिए अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं और संसाधनों के इंतजाम पर खास जोर दिया था। मगर, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजतन अस्पतालों में दवाएं, ऑक्सीजन और बेड की जबर्दस्त किल्लत है कोरोना संक्रमितों को भर्ती कराने के लिए परिजन उन्हें लेकर एक-दूसरे अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस बार सरकार की फजीहत कराई है, उससे मुख्यमंत्री बेहद नाराज हैं।  कोविड प्रबंधन में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के विफल होने से ही हालात ज्यादा बिगड़ गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ देर सवेर कड़ी कार्रवाई होना तय है।

नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर प्रोत्साहन देगी योगी सरकार

 

उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार सभी आवश्यक प्रोत्साहन देगी। इसके लिए विधायक निधि और एसडीआरएफ का प्रयोग किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 10 नए प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।

मुख्यमंत्री कोविड से प्रभावित लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर नगर की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के जो भी चिकित्सा संस्थान स्वयं का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें हर आवश्यक मदद मुहैया कराई जाएगी।

केंद्र सरकार से आवंटित ऑक्सीजन लाने के लिए गाडि़यां बोकारो रवाना हो रही हैं। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाते हुए ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने ऑक्सीजन रीफिलिंग केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने व अति गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से ऑक्सीजन न देने की हिदायत दी है मुख्यमंत्री योगी ने नासिक में ऑक्सीजन लीक होने की दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति हृदयविदारक है। हमें इससे सबक लेना चाहिए। सभी स्थानों पर सुरक्षा एवं सावधानी बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड मरीजों के लिए जनपद लखनऊ में साढ़े पांच हजार से अधिक बेड कोविड उपलब्ध हैं। अकेले केजीएमयू में बुधवार को 380 बेड की बढ़ोतरी हुई है। अभी यहां विस्तार की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रॉमा, न्यूरोसर्जरी एवं अन्य अति आवश्यक विभागों को छोड़कर इसे चरणबद्ध रूप से पूर्ण डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में सक्रिय किया जाए।

उन्होंने जिला प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। केजीएमयू में खुद के ऑक्सीजन प्लांट की भी सुविधा है, साथ ही अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार बलरामपुर हॉस्पिटल को 700 बेड वाले कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि लखनऊ में अलग-अलग अस्पतालों के लिए नियुक्त सभी नोडल अधिकारी संबंधित अस्पतालों में ही कैंप करें। वह स्थिति पर नजर रखें, मरीजों को यथासंभव हर जरूरी मदद उपलब्ध कराएं। बदलती परिस्थितियों के बीच नए विकल्पों को भी तैयार करें। जिस भी अस्पताल को अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत हो, उपलब्ध कराया जाए।

ऑक्सीजन बेड की कमी ने बढ़ाई योगी सरकार की मुश्किलें अब दो मंत्री संभालेंगे व्यवस्था

उत्तर प्रदेश :  में कोरोना मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन व बेड की कमी ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लखनऊ समेत लगभग सभी जिलों से ऑक्सीजन और बेड की कमी की सूचनाएं मिल रही हैं। अब ऑक्सीजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को सौंपी गई है। उधर, युद्ध स्तर पर बेड की व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग को युद्ध स्तर पर प्रयास करने को कहा गया है चिकित्सा शिक्षा मंत्री को बड़े ऑक्सीजन प्लांट से समन्वय करके अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑक्सीजन सप्लाई लगातार बनी रहे इसके लिए हर संभव प्रयास करने को कहा गया है।

वहीं, सिद्धार्थ नाथ सिंह को ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली एमएसएमई इकाइयों से समन्वय करके छोटे अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई कराने का जिम्मा सौंपा गया है। औद्योगिक ऑक्सीजन बनाने वाली इन इकाइयों को मेडिकल ऑक्सीजन बनाने के लिए लाइसेंस की दिक्कत आ रही थी। पर, मौजूदा हालात को देखते हुए एमएसएमई इकाइयों को 31 दिसंबर 2021 तक लाइसेंस का नवीनीकरण और औद्योगिक के स्थान पर मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई करने के लिए लाइसेंस से छूट दे दी गई है।

सार्वजनिक की जाएगी अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों में खाली बेडों की संख्या

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्रियों व अधिकारियों को अस्पतालों व चिकित्सा संस्थानों में खाली बेडों की संख्या को सार्वजनिक करने और आवश्यकतानुसार बेडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला अस्पतालों में बेड बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। संबंधित विभागों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से वर्चुअल संपर्क करके स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार सभी आवश्यक प्रोत्साहन देगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार सभी आवश्यक प्रोत्साहन देगी। इसके लिए विधायक निधि और एसडीआरएफ का प्रयोग किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 10 नए प्लांट स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।

मुख्यमंत्री कोविड से प्रभावित लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर नगर की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के जो भी चिकित्सा संस्थान स्वयं का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें हर आवश्यक मदद मुहैया कराई जाएगी।

केंद्र सरकार से आवंटित ऑक्सीजन लाने के लिए गाडि़यां बोकारो रवाना हो रही हैं। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाते हुए ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने ऑक्सीजन रीफिलिंग केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने व अति गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से ऑक्सीजन न देने की हिदायत दी है।

अखिलेश ने कहा भाजपा सरकार को सिर्फ चुनावों की चिंता मानव जीवन बचाने की नहीं

लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि कोरोना ने एक ओर भारी तबाही मचा रखी है तो दूसरी तरफ बड़े महानगरों से श्रमिकों के पलायन ने स्थिति और खराब कर दी है। प्रवासी श्रमिकों के प्रति भाजपा सरकार की नीति और नीयत दोनों में खोट है। अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने ढोल पीटा था कि जो श्रमिक पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश वापस आ गए हैं उन सबको रोजगार मिलेगा। करीब 1.5 करोड़ की उपलब्धता का दावा भी किया गया था, लेकिन यह सब झूठ निकला। अब फिर से बड़े पैमाने पर मजदूरों का पलायन हो रहा है। दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे, नोएडा तथा देश के अन्य राज्यों से लाखों कामगारों का आना जारी है। इनका काम छूटा। पैसे खत्म। अब अपने गांव लौट जाने की बेचैनी है।

ट्रेन से भी हजारों लोग आ रहे हैं। गत वर्ष की तरह अभी तो रास्ते में इनके खाने-पीने की व्यवस्था में स्वयं सेवी संगठन भी सामने नहीं आए हैं। सरकार ने तो अपनी आंख पर पट्टी बांध रखी है। राज्य सरकार दिल्ली और दूसरे महानगरों से आ रहे परेशान हाल परिवारों को उनके घर तक पहुंचाने की बेहतर व्यवस्था करने में असमर्थ साबित हो रही है अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार को सिर्फ चुनावों की चिंता रहती है, मानव जीवन बचाने की नहीं। रोजाना मौतें हो रही हैं। अस्पतालों में इलाज नहीं हैं। गरीबों को मरने पर भी ठोकरें खानी पड़ रही है। गरीब काला बाजारी का शिकार हो रहा है।

यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा  कोरोना की चपेट में

उत्तर  प्रदेश :  के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी साझा की है। डॉ. शर्मा मे बताया कि उनकी न उनकी पत्नी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है लिहाजा वे खुद को होम आइसोलेट कर रहे हैं और डॉक्टर की सलाह का पूरी तरह से पालन कर रहे हैँ। डॉ. शर्मा ने बीते कुछ दिन में उनके संपर्क में आए लोगों से भी कोरोना जांच कराने का आग्रह किया है।

आज मेरा व मेरी पत्नी के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है।हम अपने आपको होम आइसोलेशन में करके चिकित्सकों के परामर्श का पूर्णतः पालन कर रहे हैं।मेरा आग्रह है कि पिछले कुछ दिनों में जो लोग मेरे संपर्क में आये हैं, वो भी जाँच करा लें व कोविड गाईड लाईन का अक्षरशः अनुपालन करें।

 

कोरोना की दूसरी लहर देश और दिल्ली के साथ ही उत्तर प्रदेश पर भी भारी पड़ रही है। यूपी के अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कमी से हालात संभलने की जगह लगातार बिगड़ रहे हैं। वहीं, संक्रमितों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। अगर पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में 33214 नए मरीज मिले हैं जबकि 187 लोगों की मौत हो चुकी है।

उधर अलीगढ़ के एक अस्पताल में पांच मरीजों की मौत हो गई है। इस पर उनके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऑक्सीजन की मांग के एक घंटे बाद आपूर्ति कर दी गई थी। लेकिन ऑक्सीजन की कमी और किल्लत से पूरा प्रदेश जूझ रहा है।

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि इस समय प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 242265 है और अब तक 10346 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लखनऊ में बी

Leave A Reply

Your email address will not be published.