मन परी व मन दूत सुलझाएंगे सहपाठियों के मानसिक उलझन की गुत्थी

परीक्षा के समय नहीं सताएगी बच्चों को एग्जाम फोबिया

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बहराइच।जनपद में किशोर मन की उलझनों को सुलझाने में मन परी व मन दूत मददगार होंगे । इसके लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कक्षा 6 से 12 के कक्षा मॉनीटरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षित बच्चे तनाव प्रबंधन , एग्जाम फोबिया से बचाव व आत्महत्या जैसे विचारों की रोकथाम में अपने सहपाठियों की मदद करेंगे। इसके लिए जनपद के 24 स्कूलों का चयन किया गया है । इसी क्रम में गुरुवार को राजकीय हाई स्कूल विशेश्वरगंज में स्कूल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मॉनिटरिंग एंड इवेल्यूएशन ऑफिसर मुकेश हंस ने बताया कि स्कूल मेंटल हेल्थ कार्यक्रम के तहत जनपद के 24 विद्यालयों का चयन किया गया है । इन विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों का चयन कर &https://www.youtube.com/channel/UCcj8JxdUrXPVdAxW-blFheA8221; विद्यालय मानसिक स्वास्थ्य हेल्थ क्लब&https://www.youtube.com/channel/UCcj8JxdUrXPVdAxW-blFheA8221; का गठन किया जा रहा है । इसके लिए हर कक्षा से एक छात्र जो उस कक्षा का मॉनीटर है उसे मन दूत वहीं उसी कक्षा से एक छात्रा को मन परी के रूप में चयन किया गया है । इस प्रकार एक इंटर कालेज से 7 मन दूत व 7 मन परी चयनित की जाएंगी । मन दूत अपने बालक सहपाठियों को तथा मन परी अपने बालिका सहपाठिनी के मानसिक उलझनों को सुलझाने में मदद करेंगी । इसके लिए उन्हे प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही विद्यालय के एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है जो इस कार्य में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि जनपद में अभी 5 विद्यालयों में “विद्यालय मानसिक स्वास्थ्य हेल्थ क्लब&https://www.youtube.com/channel/UCcj8JxdUrXPVdAxW-blFheA8221; का गठन किया जा चुका है। भविष्य में शेष विद्यालयों के बच्चों को प्रशिक्षित कर हेल्थ क्लब का गठन किया जाएगा। इस दौरान चयनित मन दूत/मन परी को प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित किया गया।

ऐसे सुलझेगी उलझन

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के साइकेट्रिक सोशल वर्कर राज कुमार महतो ने बताया कि कक्षा में यदि किसी छात्र या छात्रा के व्यवहार में एकदम से कोई बदलाव नजर आता है जैसे उदास रहना , चिंता में रहना या गुमशुम रहना आदि लक्षण नज़र आते हैं तो इसकी जानकारी मन दूत व मन परी नोडल शिक्षक या मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्यकर्ताओं को देंगे । उन्होने बताया अक्सर बच्चे परीक्षा के समय एग्जाम फोबिया से ग्रसित हो जाते हैं या कुछ बच्चों में मंद बुद्धि , चीजों को देर से सीखना या समझना , पढ़ाई में मन न लगना , ध्यान लगाने में परेशानी होना , बड़ों से जबान लड़ाना , झूंठ बोलना , चोरी करना आदि बुरी आदतें हैं तो इसका उपचार संभव है। ऐसे सभी समस्याओं का इलाज मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किया जाएगा । इसके लिए टोल फ्री टेली मानस सेवा 14416/ 1800–891–4416 का भी आरंभ किया किया है । इसके अलावा जिले पर मानसिक स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित मन कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 09559414006 पर कॉल करके समाधान प्राप्त किया जा सकता है।

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