मनोज हत्याकाण्ड का खुलासा पत्नी सहित तीन गिरफ्तार

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बाराबंकी : कहते है अवैध सम्बन्धो का अंत हमेशा ही खौफनाक होता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला बाराबंकी के रामनगर इलाके में जहा रिश्ते के भांजे के इश्क़ में गिरफ्तार एक महिला ने अपने ही पति के क़त्ल की खूनी साजिश रच डाली। मामले की खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी समेत 3 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सात फेरों के साथ वचनों को कलंकित करने वाली ये शर्मनाक दास्तान बाराबंकी के रामनगर इलाके की है। जहां बीती 30 अगस्त को पृथ्वीपुरवा मजरे अमराई गांव थाना रामनगर निवासी सहजराम यादव पुत्र राधेलाल ने थाने पर सूचना दिया कि मेरा छोटा भाई मनोज कुमार यादव उर्फ पिन्टू उम्र लगभग 30 वर्ष बीती 28 अगस्त को बाजार गया था लेकिन वापस नहीं आया।

रामनगर पुलिस द्वारा गुमशुदगी दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही थी। कि 19 सितम्बर को वादी सहजराम द्वारा तहरीर दी गयी कि मेरे भाई मनोज कुमार यादव उर्फ पिन्टू को सुभाष उर्फ पिन्टू व सुनील यादव पुत्रगण जगतपाल यादव निवासीगण ग्राम भौराखुर्द सहादतगंज थाना मसौली ने अपहरण कर कहीं गायब कर दिया है। इस सूचना पर थाना रामनगर पर मु अ सं 339/2021 धारा 364 भादवि बनाम सुभाष उर्फ पिन्टू व सुनील यादव पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद द्वारा अपहृत की सकुशल बरामदगी व संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु गठित पुलिस टीम द्वारा मैनुअल इंटेलीजेंस एवं डिजिटल डेटा के आधार पर 28 को जब अभियुक्तगण सुभाष उर्फ पिन्टू, सुनील यादव पुत्रगण जगतपाल यादव निवासीगण ग्राम भौराखुर्द सहादतगंज थाना मसौली को गिरफ्तार किया तो हत्या की वजह जानकर पुलिस भी दंग रह गयी।

गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि मृतक मनोज कुमार यादव उर्फ पिन्टू की पत्नी नीलम के कहने पर उन्होंने मनोज को मौत के घाट उतारा है जिसके बाद पुलिस ने मृतक मनोज की पत्नी नीलम को भी गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी डॉ0 अवधेश सिंह ने बताया कि अभियुक्तगण से पूछताछ व साक्ष्य संकलन से प्रकाश में आया कि सुभाष उर्फ पिन्टू ट्रक ड्राइवर है तथा मनोज यादव उर्फ पिन्टू उसका रिश्तेदार है और रिश्ते में मामा लगता था। मनोज की पत्नी नीलम का अवैध संबंध सुभाष उर्फ पिन्टू से था और वह सुभाष के पास रहना चाहती थी इसलिए मनोज को रास्ते से हटाने के लिए सुभाष को कहती थी। सुभाष भी मनोज को रास्ते से हटाना चाहता था। सुभाष और नीलम ने मनोज को मारने के लिए सुनील सुभाष के भाई से बात कर योजना बनाई। योजना के मुताबिक सुनील ने 28 अगस्त को मनोज को मीट खाने के लिए बुढ़वल स्टेशन बुलाया। नीलम और सुभाष के संबंधों की जानकारी मनोज को हो गयी थी तो मनोज, सुभाष से रंजिश रखता था इसलिए सुभाष, मनोज के सामने नहीं आया।

सुनील द्वारा ही मनोज को मीट खिलाया गया और शराब पिलाई गयी। जब मनोज नशे में हो गया तो सुभाष अपनी मारूति जेन लेकर आया और उसने भी खाना खाया। इधर मनोज ज्यादा नशे में हो जाने के कारण मोटर साइकिल नहीं चला पा रहा था। सुभाष एवं सुनील ने मनोज को घर छोड़ने के बहाने से मारूति जेन में पीछे लिटा दिया और रात्रि में घाघरा नदी के पुल से नदी की बीच धारा में फेंक दिया। घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मारुति जेन कार मोबाइल व सिम बरामद करते हुए पूर्व में दर्ज मुकदमे को धारा 302/201/120 बी में तरमीम करते हुए तीनो को जेल भेज दिया है।

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