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मौलाना सैफ अब्बास ने कहा जो घर का नहीं वह कहीं का नहीं हो सकता वसीम रिजवी के इस्लाम से निकाले जाने के बयान पर

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यूपी : शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाने और इस्लाम से निकालने जाने के बयान पर शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि इस्लाम में कुरान और हमारे नबी मोहम्मद साहब न मानने वाला इस्लाम से अपने आप खारिज हो जाता है। किसी को जबरदस्ती इस्लाम से खारिज या दाखिल नहीं किया जा सकता है। वसीम ने कुरान और मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी की, वो अपने आप इस्लाम से खारिज हो गए। इस्लाम की बदनामी करा कर अब वो सनातन धर्म में गए है, अब वो सनातन धर्म को बदनाम करेंगे। मेरी हिंदू भाइयों से गुजारिश है कि वसीम जैसे पाखंडी को पहचाने और उसको सजा दे। मौलाना सैफ ने कहा कि जो इंसान अपने परिवार का नही हुआ, वो किसी का नही हो सकता है। उसके इस पाखंड से उसके परिवार वाले भी खिलाफ है।

दरअसल, वसीम रिजवी ने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है। वसीम रिजवी ने एक वीडियो जारी कर सनातन धर्म अपनाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब मुझे इस्लाम से निकल ही दिया गया है, तो ये मेरी मर्जी है कि किस धर्म में जाऊं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म दुनिया सबसे पुराना धर्म है, इस धर्म में जितनी इंसानियत, मानवता है, उतन की धर्म में नहीं है। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि ने उन्हें सनातन धर्म ग्रहण कराया और इसके बाद रिजवी का नया नामकरण हुआ। धर्म बदलने के बाद उनका नया नाम हरबीर नारायण सिंह त्यागी हो गया है।

गाजियाबाद में इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म स्वीकार करने के बाद वसीम रिजवी का शुद्धिकरण किया गया। हवन यज्ञ भी किया गया। सारे अनुष्ठान महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि की देखरेख में किए गए। वसीम रिजवी साल-2000 में वह राजधानी के मोहल्ला कश्मीरी वार्ड से सपा के नगरसेवक चुने गए। 2008 में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य और फिर बाद में चेयरमैन बने। वसीम रिजवी ने कुरान से 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जो खारिज हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को लेकर वसीम रिजवी पर जुर्माना भी लगाया था।

 

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