
मायावती और Rambhadracharya आमने-सामने
यूपीLive:बीएचयू में आयोजित अखिल भारतीय व्याकरण प्रबोध कार्यशाला के उद्घाटन किया गया. इस मौके पर तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में कई बड़े बयान दिए. उन्होंने मनुस्मृति, ज्ञानवापी, मुगलों के इतिहास और हरियाणा में ब्राह्मणों पर हमले जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मनुस्मृति को लेकर कहा कि यदि किसी ने शुद्ध दूध पिया हो तो आकर मुझसे मनुस्मृति पर चर्चा करे. इसका एक भी अक्षर राष्ट्र-विरोधी नहीं है. मैंने महाकुंभ में 30 दिनों तक केवल मनुस्मृति पर ही व्याख्यान दिया है. यह भी कहा कि मनुस्मृति को बिना पढ़े उसकी आलोचना करना अनुचित है.
मायावती पर बयान
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और यूपी की पूर्व सीएम मायावती को लेकर कहा कि उन्हें मनुस्मृति का ज्ञान नहीं है और उन्होंने ‘बहन’ शब्द का इस्तेमाल न करने की बात भी कही. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यह बात दिव्यांग विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिनी भारतीय न्याय संहिता 2023 पर आधारित एक गोष्ठी का आयोजन के दौरान कही है.
हरियाणा में ब्राह्मणों पर हमले का मुद्दा
हरियाणा में एक यज्ञ के दौरान ब्राह्मणों पर हुए हमले को लेकर उन्होंने कहा कि हमलावरों को उचित दंड मिलेगा.
ज्ञानवापी मामले पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने दोहराया कि “हम ज्ञानवापी लेकर रहेंगे.” इस दौरान यह भी कहा कि मुगलों के नाम से जुड़े सभी स्थानों का नाम बदला जाएगा.