मिशन कर्मयोगी योजना:रेलवे के 1400 फ्रंटलाइन कर्मी होंगे प्रशिक्षित,24 ने प्राप्त किया प्रशिक्षण

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लखनऊ : भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गयी मिशन कर्मयोगी योजना के अन्तर्गत यात्रियों व रेल उपभोक्ताओं के सीधे संपर्क में रहने वाले फ्रंटलाइन कर्मचारियों को समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा तथा सेवाभाव से कार्य करने एवं यात्रियों व रेल उपभोक्ताओं से मधुर व्यवहार में गुणात्मक सुधार हेतु पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल में आज मण्डल रेल प्रबन्धक कार्यालय के बहुउददेश्शीय हाल में मिशन रेल कर्मयोगी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत आज प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर प्रथम बैच के प्रशिक्षुओं (मण्डल मंे कार्यरत 24 स्टेशन मास्टरों) को इरिटेम लखनऊ में प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ, गोण्डा तथा गोरखपुर में आयोजित किए जायेगें, जिसमें एक माह की अवधि में प्रत्येक बैच के कर्मचारियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।

इस दौरान मण्डल में परिचालन तथा वाणिज्य विभाग के लगभग 1400 फं्रटलाइन कर्मचारियों को मिशन कर्म योगी के अर्न्तगत प्रशिक्षित किया जायेगा। मिशन कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक डा0 मोनिका अग्निहोत्री ने उपस्थित प्रशिक्षु कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि व रेल सेवा के दौरान समर्पण कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवाभाव के साथ मधुर व्यवहार करें

तथा यात्रियों अथवा रेल उपभोक्ताओं का सहयोग करते हुए अपने कार्यों का संपादन करें। यह आवश्यक है कि आप लोग प्रशिक्षण के दौरान बताई गयी बातों को बड़े ध्यान से देखे व समझे। शिष्टाचार ऐसी चीज है कि अगर कोई व्यक्ति आत्मसात करता है तो उसका भी जीवन सुखी होता है और दूसरों को भी सुख देता है।

इसके पश्चात अपर मंडल रेल प्रबन्धक (परिचालन) शिशिर सोमवंशी ने कहा कि मण्डल में इस योजना के माध्यम से सभी फ्रंटलाइन रेल सेवकों की योग्यता को एक नई दिशा प्रदान की जायेगी। जिससे वह अपनी बेहतर कार्य क्षमता के साथ अपने दायित्वों का पालन कर सके। यह योजना एक कौशल निर्माण कार्यक्रम है जिसके माध्यम से रेलवे कर्मचारियों की तर्क शक्ति, रचनात्मकता, सामर्थ्य तथा तकनीकी कुशलता में वृद्धि की जायेगी, जिससे रेल यात्रियों तथा रेल उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाऐं आसानी से उपलब्ध हो सके।

मिशन रेल कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम में ’इरिटेम’ लखनऊ से प्रशिक्षित, टेªनरों द्वारा प्रशिक्षुओं को प्रभावशाली तरीके से रेल उपभोक्ताओं की भावनाओं, उनकी जिज्ञासाओं को समझते हुए उनके द्वारा अनुरूप मधुर व्यवहार कैसे किया जा सकता है। इसके बारे में बताया गया और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

वार्ता सत्र के माध्यम से पारस्परिक वार्तालाप कर अपनी जानकारियों को अद्यतन रखते हुए समर्पण व कर्तव्यनिष्ठा भाव से अपने कार्यों को संपादित करने के प्रति जागरूक भी किया गया। इसके साथ ही उन रेल उपभोक्ताओं को, जिनको रेलवे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, उन्हें एक ’रेल कर्मयोगी’ की तरह आवश्यक जानकारी सद्भाव के साथ उपलब्ध कराने के प्रति आह्वाह्न किया गया।

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