बंद ट्रेनों का संचालन किए जाने की बुलंद हुई आवाज

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कौशाम्बी :  कोरोना काल में सवारी गाड़ियों का आवागमन बंद होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जहां सौ रुपये में भरवारी से इलाहाबाद का आवागमन हो जाता था अब एक हजार से भी ज्यादा खर्च करना पड़ता है जिससे यात्रियो में आक्रोश व्याप्त है। वर्तमान मं इलाहाबाद कानपुर के बीच भरवारी स्टेशन से मात्र संगम एक्सप्रेस के अलावा कोई भी अन्य ट्रेन प्रतिदिन नहीं चल रही है। भरवारी रेलवे स्टेशन पर कोरोना काॅल के समय से पहले आधा दर्जन सवारी गाड़ियों का ठहराव सुबह शाम भरवारी स्टेशन पर हुआ करता था लेकिन वैश्विक महामारी के चलते मार्च माह से गाड़ियों का संचालन रोक दिया गया जिससे यात्रियों को सफर करना मंहगा पड़ रहा है और लोगां को अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है।

 

भरवारी रेलवे स्टेशन पर पहले लगभग आधा दर्जन सवारी गाड़ियों का ठहराव सुबह शाम हुआ करता था जो वैश्विक महामारी के चलते बंद हो गया। आज लगभग दस माह बीत जाने के बाद भी रेलवे सरकार ने मात्र एक संगम एक्सप्रेस का ही प्रतिदिन चलाने का काम किया है उसमें लिंक भी बंद है। हम गाड़ियों की बात करें तो तूफान एक्सप्रेस, ईएमयू, कानपुर पैसिंजर, चैरी चैरा, इंटर सिटी, सुपर फास्ट महाबोधि एवं महानंदा एक्सप्रेस अभी तक निरस्त चल रही है जिसमंे चैरी चैरा व महाबोधि एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन व महाबोधी सप्ताह में तीन दिन रद्द रहती है जिससे यात्रियों व व्यापारियों को व्यापार की दृष्टि से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान समय को दृष्टिगत रखते हुए गाड़ियों की ठहराव की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है वही जब ट्रेनों की जानकारी करने का स्टेशन मास्टर से प्रयास किया गया तो उनका व्यक्तिगत व्यवहार कुशलता पूर्वक नहीं रहता है। लोगांे ने मंडल रेल प्रबंधक से मांग की है कि ऐसे अधिकारी को नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाए व इनके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाए।

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