रंग लाया मौलाना कल्बे जवाद का विरोध, लखनऊ में मजलिसों पर लगी रोक खत्म

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शहर के प्रमुख 7 स्थानों से मौलाना ऑनलाइन पेश कर सकेंगे अपनी तकरीरें

लखनऊ : शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जवाद के प्रयासों के चलते आखिरकार लखनऊ प्रशासन ने आज से शुरू हुए मुहर्रम के महीने में मजलिसों के आयोजन को सशर्त इजाजत दे दी। कोरोना संकट के चलते यह मजलिसें ऑनलाइन ही होंगी। शहर के सात स्थानों पर एक हजरत और पांच अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ मजालिस के आयोजन की अनुमति दी गयी है। यह ऑनलाइन मजलिसें पहली मोहर्रम से लेकर दसवीं मुहर्रम तक चलेंगी।

जिला प्रशासन ने इमामाबाड़ा आगाबाकर, शिया काॅलेज नक्खास, इमामाबाड़ा नाजमियां, मकबरा सआदतअली खां, गुफरान माॅब, इमामाबाड़ा अफजल महल और मदरसा नाजमियां में मजलिसों के आयोजन की अनुमति दी है। प्रशासन की तरफ की तरफ से इस बात की भी सख्त चेतावनी दी गयी है कि मजलिसों में किसी भी तरह के धार्मिक उन्माद, सांप्रदायिकता और भड़काऊ वक्तव्य नहीं दिए जाएंगे। कोरोना प्रोटोकाॅल के उल्लंघन पर मजिलसों के इन्तजामियां के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मौलाना कल्बे जवाद ने प्रशासन की सख्ती का किया था तीखा विरोध

इससे पहले गुरुवार को मोहर्रम के दौरान बड़ी मजलिसों पर रोक लगाए जाने पर इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद ने प्रशासन की जमकर मुखालफत की थी। धर्मगुरू ने बयान जारी कर कहा था कि मजलिस तो जरूर होगी भले उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। मौलाना की जिद के चलते लखनऊ जिला प्रशासन ने देर रात इमामबड़ा गुफरानमाब में मजलिस के लिए सशर्त अनुमति दे दी। कल्बे जवाद इसी इमामबाड़े में मजलिस पढ़ते हैं।

मौलाना कल्बे जवाद ने पुराने लखनऊ में ताजिया बेचे जाने पर भी पुलिस की रोक का विरोध किया है। कहा कि ताजिया हदिया (बिक्री) करने वालों को डराया धमकाया जा रहा है, यह असंवैधानिक और गैरकानूनी है।

हर हाल में कोविड प्रोटोकाल का करना होगा पालन: सुजीत पांडेय

शुक्रवार को शहर में आॅनलाइन मजालिस की अनुमति देते हुए पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने कहा, इमामबड़ा गुफरानमाब में मजलिस की अनुमति दे दी गई है, लेकिन यहां ज्यादा लोग एकत्र नहीं होंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। अकीदतमंदों को मास्क लगाना होगा व सैनिटाइजर या साबुन से हाथ भी साफ करने होंगे।

लखनऊ में मुहर्रम व मुख्य मजलिसों पर लगी रोक खत्म
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सरकार ने लखनऊ में मुहर्रम और अजादारी की मुख्य मजलिसों पर लगी रोक को खत्म कर दिया है। इमामबाड़ों में मजलिस की अनुमति प्रदान कर दी है। ताजिया रखने और हदिया करने की भी अनुमति मिल गई है। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के जुलूस की कोई अनुमति नहीं है।

मुख्य मार्गों पर सबीले नहीं लगेंगी, पानी भी केवल सील बंद बोतल वाला

सीपी सुजीत पांडेय ने बताया कि शहर के मुख्य मार्गों पर सबीले नहीं लगेंगी। इमामबाड़ों और महुल्लों आदि में कोविड गाइडलाइन के अंतर्गत केवल सूखा तबर्रुक ही बांटा जा सकता है। पानी ड्रम में भरकर नहीं बाटा जा सकता। केवल सील बंद बोतल बांटी जा सकेंगी। घरों मे सोशल डिसटेंसिंग का ख्याल रखते केवल परिवार वालों के बीच पूर्व की भांति अजादारी हो सकेगी। लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कोविड-19 के सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन और सैनिटाइजेशन अनिवार्य है। पूरे प्रदेश इन्हीं गाइडलाइन का पालन करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग मुहर्रम मना सकेंगे।

अखिलेश ने सरकार को बताया सर्वधर्म-स्वतंत्रता का पाठ
मुहर्रम पर सख्ती और रोक-टोक को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, सावधानियों के साथ गरीब कारीगरों को ताजिया बनाने और बेचने की छूट मिलनी चाहिए। घरों में ताजिया रखने के विषय पर सरकार को सर्वधर्म-स्वतंत्रता के सिद्धांत के तहत फैसला करना चाहिए

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