राष्ट्रीय नाट्य समारोह में दी बुंदेलखंड विद्रोह 1842 की प्रस्तुति

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झांसी : बुंदेलखंड नाट्य कला केंद्र समिति झांसी के कलाकारों ने संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, मध्यप्रदेश शासन एवं रंग सरोकार नाट्य संस्था नरसिंहपुर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव नरसिंहपुर में बुंदेलखंड विद्रोह 1842 नाटक की शानदार प्रस्तुति दी। आठवें राष्ट्रीय नाट्य समारोह में गांधी दर्शन पर केंद्रित इस नाट्य समारोह को सरोकार समिति द्वारा आयोजित किया गया जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ झांसी से बुंदेलखंड नाट्य कला केंद्र समिति अभिनय प्रशिक्षण एवं कल्चरल रिसर्च सेंटर झांसी द्वारा नाटय प्रदर्शन बुंदेलखंड विद्रोह 1842 की द्वितीय दिवस प्रस्तुति की गई।

इस नाटक की संगीत परिकल्पना निर्देशन हिमांशु द्विवेदी व सहनिर्देशन डॉ कृपांशु द्विवेदी ने किया। नाटय की पृष्ठभूमि स्वाधीनता आंदोलन की वह प्रथम अमर गाथा है जिसे बुंदेलखंड के 1842 का प्रथम महासमर के रूप में ऐतिहासिक ख्याति प्राप्त है। बुंदेलखंड विद्रोह नाटक में तत्कालीन बुंदेला राजा मधुकरशाह के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ लड़े गये युद्ध का जहाँ सजीव अभिनय देखने को मिलता है

वहीं उस काल की सामाजिक परिस्थितियाँ, अंग्रेजों के अत्याचार दमनकारी नीतियों आदि का रोमांचक चित्रण है। मंच पर सूत्रधार की भूमिका में चैतन्य गुप्ता,स्नेहा कुमारी, मधुकर शाह तरुण कुमार व नरेंद्र सिंह, दर्श शर्मा, कुशल श्रीवास्तव व सौरभ आजाद, अनूप कुशवाहा, आदित्य श्रीवास्तव, अश्विनी शर्मा, राघवेंद्र सिंह, एकांश उपाध्याय, धीरज सेन, नितिन वर्मा, नवल यादव हर्ष गुप्ता, श्रेया पुरवार, दीक्षा,आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसे दर्शकों द्वारा बहुत सराहना मिली।

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