प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जामनगर में डब्ल्यूएचओ के ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन का किया उद्घाटन

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गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जामनगर में डब्ल्यूएचओ के ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया है। इस दौरान डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डाक्चर टेड्रोस घेब्रियसस और मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ उपस्थित रहे। आज के इस कार्यक्रम में नेपाल, बांग्लादेश, भूटान प्रधानमंत्रियाें ने वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया है। आज के इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा भारत में पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र की स्थापना मानवता के सामने सबसे कठिन समय में भी विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रतिबद्धता की उल्लेखनीय पूर्ति है। कोविड का मुश्किल दौर भी हमें रोक नहीं पाया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के जामनगर में डब्ल्यूएचओ के ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया है। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेश के साथ ही मारिशस के प्रधानमंत्री और केंद्रीय आयुष मंत्री मौजूद रहे। जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन के उद्घाटन समारोह के दौरान डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डाक्टर टेड्रोस घेब्रेयसस ने गुजराती में जनता का अभिवादन किया।बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कुछ ही देर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पारंपरिक चिकित्सा का ये वैश्विक केंद्र साक्ष्य आधारित अनुसंधान और पारंपरिक चिकित्सा के मानकों के लिए वैश्विक केंद्र बनेगा।आयुष मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि दोनों कार्यक्रम गुजरात में आयोजित किए जा रहे हैं और इसमें पीएम मोदी, मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ और डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डाक्टर टेड्रोस घेब्रेयसस उपस्थित रहेंगे।केंद्र का लक्ष्य पारंपरिक चिकित्सा की क्षमता को तकनीकी प्रगति और साक्ष्य-आधारित अनुसंधान के साथ एकीकृत करना है। जबकि जामनगर आधार के रूप में काम करेगा। पारंपरिक चिकित्सा को लेकर केंद्र का उद्देश्य दुनिया को शामिल करना और लाभान्वित करना है।

जीसीटीएम चार मुख्य रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसमें साक्ष्य और शिक्षा, डेटा और विश्लेषण, स्थिरता और इक्विटी, इसके साथ ही वैश्विक स्वास्थ्य के लिए पारंपरिक चिकित्सा के योगदान को अनुकूलित करने के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी शामिल है।

पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना है प्रमुख उद्देश्य बता दें कि ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट 20 अप्रैल से 22 अप्रैल तक गांधीनगर में होगा। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और नवाचारों को प्रदर्शित करना है। यह दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा देने, निर्यात को बढ़ावा देने और एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र का पोषण करने का एक अनूठा प्रयास है।

ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन डब्ल्यूएचओ और भारत की वैश्विक स्वास्थ्य के प्रति उत्कृष्ट प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। जीसीटीएम पारंपरिक चिकित्सा उत्पादों पर नीतियां और मानक निर्धारित करना चाहता है और देशों को एक व्यापक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य प्रणाली बनाने में मदद करता है। ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट पारंपरिक उत्पादों, प्रथाओं और संबंधित सेवाओं का वैश्विक केंद्र बनने के भारत के प्रयासों को रणनीतिक बनाने की एक पहल है।

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