वसीम के खिलाफ विरोध प्रर्दशन, दिया ज्ञापन

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वसीम के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो जिला स्तर पर होगा प्रर्दशन

देश की अखंडता और शांति खतरे में पड़ जाएगी

लखनऊ : गौरी खालसा में शियों ने दुश्मने इस्लाम और रसूले ख़ुदा हजऱत मुहम्मद साहब की शान में गुस्ताख़ी के मुजरिम वसीम रिज़वी के खिलाफ पूरा गांव मिलकर विरोध प्रर्दशन करके थाना कासिमपुर पुलिस के माध्यम से ज्ञापन मुख्यमंत्री, राज्य अल्पसंख्याक आयोग, जिलाधिकारी, एसपी, थानाध्यक्ष कासिमपुर को भेजा गया। प्रर्दशन में गौरी खालसा हरदोई के मौलाना गुलाम अब्बास, इमामे जुमा सै हुसैन मेंहदी, मौलाना मोहम्मद अली तथा गांव के सैकडों लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने इस्लाम विरोधी ताकतों के एजेंट वसीम रिज़वी के माध्यम से कुराने मजीद और पैगंबर हजऱत मुहम्मद साहब का अपमान करने पर कड़ा विरोध प्रर्दशन किया। प्रदर्शनकारियों ने त्तर प्रदेश सरकार से उसकी गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की मौलाना गुलाम अब्बास ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है कि वसीम रिज़वी अपने राजनीतिक लाभ और सस्ती प्रसिद्धि के लिए इस्लाम और पवित्र हस्तियों के खि़लाफ लगातार ज़हर उगल रहा है और कुराने मजीद और पैगंबर हजऱत मुहम्मद साहब को अपमानित कर रहा है। निंदनीय है कि सरकार और प्रशासन की तरफ से उसके खि़लाफ अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इमामे जुमा सै हुसैन मेंहदी ने कहा कि पैग़म्बर हजऱत मुहम्मद साहब की शान बयान करते हुए कहा कि हर महान और सच्चे इंसान ने पैग़म्बर हजऱत मुहम्मद साहब की महानता को बयान किया हैं। ज्ञानी बुद्धिजीवियों ने बिना किसी भेद के कहा है कि केवल पैग़म्बर की सीरत के ज़रिये दुनिया में बिना तलवार और शस्त्र के शांति स्थापित की जा सकती है। जब तक मलऊन वसीम को सज़ा नहीं मिल जाती तब तक हम चुप नहीं रहेंगे।

मौलाना मोहम्मद अली ने कहा कि सरकार की नीतियों के खि़लाफ पूरे भारत में प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। पूरा देश बेरोजग़ारी और अन्य समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति पैग़म्बर हजऱत मुहम्मद साहब का अपमान करे तो विरोध प्रदर्शन का क्या फायदा होगाघ् क्योंकि सरकार किसी विरोध की आवाज़ सुनना नहीं चाहती। हम सरकार और प्रशासन से अपील करते हैं कि ऐसे लोगों पर क़ाबू पाया जाये और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दें शहजान अब्बास ने कहा कि हमारा संविधान किसी भी धर्म या संप्रदाय की पवित्रता को अपवित्र करने और पवित्र धार्मिक हस्तियों का अपमान करने की अनुमति नहीं देता है। यदि ऐसे बदमाशों और शरारती तत्वों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई नहीं की गई तो हमारे देश की अखंडता और शांति खतरे में पड़ जाएगी। इस लिये हम मांग करते है कि वसीम रिज़वी और उसके साथियों के खि़लाफ कडी कार्रवाई की जाए ताकि मुसलमानों का भारत के संविधान पर विश्वास क़़ायम रहे। अगर सरकार सबका साथ और सबका विकास चाहती है तो फिर उसे चाहिए कि मुसलमानों की आस्था और भावनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें। हमें इस विकास की ज़रूरत नहीं हैं जिसमें पैग़म्बर हजऱत मुहम्मद साहब का अपमान किया जाये। उन्होंने सरकार और प्रशासन से वसीम की गिरफ्तारी और सज़ा की मांग की।

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