उपेक्षा का दंश झेल रहा रेलवे स्टेशन मार्ग

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जौनपुर : प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का विगुल बज चुका है सभी राजनैतिक दल अपने दावेदार की उम्मीवारी को लेकर मंथन कर रहे ऐसे में जनता भी अपने क्षेत्र के विकास कार्याे के सवालों को लेकर कमर कस ली है। इसी कड़ी में केराकत क्षेत्र के विकास और प्रमुख सड़क मार्गों की दशा सुधारने व झूठा वादा कर जनता की आंखों में धूल झोंकने का कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों समेत प्रशासन के आला अधिकारियों ने अपनी आंखों पर काली पट्टियां बांध लीं हैं अथवा काला चश्मा लगा रखा है। गत कई वर्षों से केराकत रेलवे स्टेशन मार्ग और केराकत विकासखंड मुख्यालय को सीधे जोड़ने का कार्य करने वाली सड़क मार्ग मरम्मत के अभाव में भारी गड्ढों के चलते झील के रूप में परिवर्तित हो गई है।

कहीं जलजमाव तो कहीं गड्ढे व कीचड़ से युक्त इन सड़क पर वर्षा का गंदा पानी जमा होने से डेंगू की भी संभावना को बढ़ावा दे रहा है। ऐसी स्थिति रेल में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को प्रतिदिन जलजमाव और कीचड़ से भरी सड़कों पर गिरते पड़ते दिन और रात्रि के अंधेरे में यात्रा करने को मजबूर हैं। जिसमें दो पहिया वाहनों समेत पैदल चलने वाले लोगों को गंदे कीचड़ युक्त भरे जल मे होकर मजबूरी में आना जाना पड़ता है। जबकि विकास का ढिढोरा पीटने वाले क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उसी मार्ग से गुजरने के बाद भी आपने आंखों पर काला चश्मा लगाए विकास का झूठा स्वांग करते नजर आ रहे हैं।

उन्हें जैसे लगता है कि जनहित से उनका दूर-दूर तक का कोई रिश्ता नहीं है। इस सड़क की जिम्मेदारी जिला परिषद के कंधों पर है।पर जिलापरिषद के अधिकारियों को केवल परिषद के फाइलों से वास्ता रहता है।धरातली आवश्यकता से उनका दूर दूर तक कोई नाता नही है। जबकि इसी मार्ग पर विकाश खण्ड केराकत कार्यालय,खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय,वन विभाग,पूर्व माध्यमिक विद्यालय, प्राइमरी विद्यालय,स्टेट बैंक आदी कई सरकारी संस्थान व कार्यालय हैं।और इन सभी विभागों के अधिकारी व सांसद विधायक भी आंख मूंदे इधर आते व जाते रहते है उनके द्वारा सड़क की दुर्दशा को नजरअंदाज किया जाता है। आमजनमानस में इससे काफी रोष व्याप्त है।

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