हिजाब विवाद में कूदा आतंकी संगठन अल कायदा बोला हिजाब पहनना मुसलमानों का हक

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कर्नाटक हिजाब विवाद में आतंकी संगठन अल कायदा भी कूद पड़ा है। अल कायदा सरगना अल-जवाहिरी ने वीडियो जारी कर कहा कि हिजाब विवाद पर दुनियाभर के मुसलमान उन लड़कियों का खुलकर सपोर्ट करें, जो इसको पहनने के लिए लड़ रही हैं।

डेली मेल की वेबसाइट पर मौजूद 9 मिनट के इस वीडियो में जवाहिरी ने कहा- भारत के हिंदू लोकतंत्र में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। उसने कर्नाटक हिजाब विवाद के दौरान सुर्खियों में आई मुस्कान को महान गर्ल बताया।

अल कायदा सरगना ने कहा कि फ्रांस, मिस्र और हॉलैंड इस्लाम विरोधी देश हैं। जवाहिरी ने इस दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश को भी जमकर लताड़ा। 2021 के बाद जवाहिरी का यह वीडियो दुनियाभर में सामने आया है। वीडियो आने के बाद अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी भी हरकत में आ गई है। जवाहिरी अमेरिका के 9/11 हमले का आरोपी है।

जवाहिरी ने अमेरिकी हमले में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद संगठन की कमान अपने हाथ में ली थी। इजिप्ट का रहने वाला जवाहिरी आंखों का डॉक्टर था। 2011 में वह अल कायदा का मुखिया बना। दुनिया भर में कई जगह हुए आतंकी हमलों के पीछे उसका हाथ माना जाता है। 15 साल की उम्र में जवाहिरी को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। 1974 में उसने केयरो यूनिवर्सिटी के मेडिकल स्कूल से ग्रेजुएशन किया था। यहां उसके पिता प्रोफेसर थे।

सुप्रीम कोर्ट में होनी है हिजाब विवाद पर सुनवाई कर्नाटक हाईकोर्ट से मामला खारिज होने के बाद हिजाब का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला 24 मार्च को लगी थी, जिस पर सुनते हुए CJI ने कहा था कि इसे सनसनीखेज मत बनाओ। हम इसकी अर्जेंट सुनवाई नहीं करेंगे।

याचिका हाईकोर्ट में हो चुकी है खारिज कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रितुराज अवस्थी, जस्टिस कृष्ण एस. दीक्षित और जस्टिस खाजी जयबुन्नेसा मोहियुद्दीन की तीन मेंबर वाली बेंच ने मामले में 15 मार्च को फैसला सुनाया था। फैसले में हाईकोर्ट ने दो अहम बातें कहीं। पहली- हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। दूसरी- स्टूडेंट्स स्कूल या कॉलेज की तयशुदा यूनिफॉर्म पहनने से इनकार नहीं कर सकते।

1 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था हिजाब विवाद कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद 1 जनवरी को शुरू हुआ था। यहां उडुपी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कॉलेज में क्लास रूम में बैठने से रोक दिया गया था। कॉलेज मैनेजमेंट ने नई यूनिफॉर्म पॉलिसी को इसकी वजह बताया था।

इसके बाद इन लड़कियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। लड़कियों का तर्क है कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के आर्टिकल 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है

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