सांस्कृतिक आयोजनों से निखरी है छात्रों की प्रतिभाः डा.वीके सिंह

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बांदा : बुधवार को कृषि महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के लिए हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इंटरनेट युवाओं की रचनात्मकता पर लगाम लगा रहा है! विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय के 18 छात्र छात्राओं ने विषय के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे।

इससे पूर्व, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. वी. के. सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन छात्रों की प्रतिभा को निखारने के लिए सशक्त मंच प्रदान करते हैं। युवाओं के संपूर्ण विकास के लिए विश्वविद्यालय में इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर होता रहेगा।

कोरोना के संकटकाल में पिछले दो वर्ष से सभी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम थम गए थे. अब पुनः स्थितियां सामान्य होने लगी हैं तो युवाओं के संपूर्ण विकास के लिए इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर होता रहेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. जी. एस. पंवार, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय ने की. डॉ. पंवार ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सांस्कृतिक व साहित्यिक गतिविधियों से संस्थानों की जीवंतता बानी रहती है।

उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे इन गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग लें। प्रतियोगिता में बी.एस.सी. कृषि द्वितीय वर्ष के छात्र स्वेतांक शंखधर ने प्रथम, बी.एस.सी. कृषि चतुर्थ वर्ष के छात्र ऋषभ त्रिपाठी ने द्वितीय तथा बी.एस.सी. कृषि प्रथम वर्ष के छात्र अंकित यादव ने तृतीया स्थान प्राप्त किया. अभिषेक मलन और जंग बहादुर सिंह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

अतिथियों ने विजेताओं को प्रमाणपत्र व पुरस्कार वितरित किये। निर्णायक मंडल में प्रो. राकेश पांडेय, डा. अभिषेक कालिया व डा. दीप्ति भार्गव थे।माहविद्यालय सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष डा.जगन्नाथ पाठक ने विजयी प्रतिभागियों को बधाई दी। धन्यवाद ज्ञापन डा. देव कुमार ने किया। कार्यक्रम का सञ्चालन समिति के सचिव डा. धीरज मिश्रा ने किया।

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