केरल और महाराष्ट्र के रास्ते क्यों आता है कोरोना

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दिल्ली : देश में पिछले तीन दिन के दौरान कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने शुरू हो गए। 12 जुलाई को देश में 31 हजार नए मामले मिले तो 13 जुलाई को इनकी संख्या 38 हजार पहुंच गई। इसके बाद 14 जुलाई को 41 हजार से ज्यादा नए केस सामने आ गए, जिससे खौफ पसरने लगा है। कोरोना के नए मामलों पर गौर करें तो पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा केरल में एक बार फिर संक्रमण फैल रहा है। अहम बात यह है कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर की शुरुआत सबसे पहले केरल से हुई थी, जिसके बाद संक्रमण ने महाराष्ट्र को अपनी चपेट में ले लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कोरोना केरल और महाराष्ट्र के रास्ते क्यों आता है? क्या महामारी की तीसरी लहर भी इन दोनों राज्यों से एंट्री करेगी?

गौरतलब है कि देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के 41 हजार 806 नए मरीज मिले। 13 जुलाई को यह आंकड़ा 38 हजार 792 पर था और 12 जुलाई को 31 हजार 443 पर। इस दौरान केरल में भी कोरोना का ग्राफ चढ़ता नजर आया। यहां 12 जुलाई को कोरोना के 7798 नए मामले दर्ज किए गए, जो 13 जुलाई को बढ़कर 14539 हो गए। वहीं, 14 जुलाई को भी इनमें इजाफा हुआ और 15637 नए केस सामने आए। इस दौरान मौतों की संख्या भी 100, 124 और 128 दर्ज की गई। उधर, महाराष्ट्र में भी पिछले तीन दिन के दौरान कोरोना के मामलों में उछाल आया है। यहां 12 जुलाई को  7,603, 13 जुलाई को 7,243 और 14 जुलाई को 8,602 नए मामले सामने आए।

विशेषज्ञों के मुताबिक, महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के मामलों के बढ़ने के अपने-अपने कारण हैं। दरअसल, महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे राज्य की जनसंख्या और कोरोना नियमों की अनदेखी को बताया जाता है। यह समस्या कोरोना की दोनों लहरों के दौरान देखी गई। उधर, पहली लहर के दौरान केरल में कोरोना के मामले सबसे पहले नजर आए, जिसके लिए विदेश से आने वालों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। उस वक्त राज्य सरकार ने हालात पर बखूबी काबू पाया था, लेकिन दूसरी लहर के दौरान महामारी बेकाबू हो गई। इसके पीछे की असल वजह विधानसभा चुनाव बताए जाते हैं।

कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञ तमाम दावे कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि महामारी की तीसरी लहर अक्तूबर-नवंबर के दौरान आएगी। वहीं, कुछ वैज्ञानिक तीसरी लहर की दस्तक का दावा कर चुके हैं। इस बीच केरल और महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना के नए मामलों ने एक बार फिर दहशत बढ़ा दी है।

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