
जौनपुर। जामिया ईमानिया नासिरया में पैगमबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद की बेटी हजरत फात्मा जहरा की शहादत पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम की आखिरी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना महफुजुल हसन खाँ ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित है।
आज जब समाज में महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। पश्चिमी संस्कृति ने उनके सम्मान को घटाया है ऐसे में इस्लाम महिलाओं के सम्मान और अधिकार को सुरक्षित रखने की गारंटी देता है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकार सुरक्षित नहीं हैं।
हजारा शिया मुसलमानों का कत्ले आम इस बात की ओर इशारा करता है कि पाकिस्तान में शिया मुसलमानो के अधिकार सुरक्षित नहीं हैं।
ऐसा महसूस होता है कि पाकिस्तान का गठन शियो के कत्ले आम के लिए ही किया गया हो। मौलाना ने कहा कि हम दुनिया के हर मजलूम के साथ हैं, ये जज्बा अपने इमामो से हासिल हुआ है शहादते फात्मा जहरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीबी फात्मा पर बहुत जुल्म ढाये गये, उनको बड़ी मुसिबतों का सामना करना पड़ा।
उनकी शहादत के मसायब पर मजलिस की समाप्ति के बाद शबीहे ताबूते जहरा बरामद की गई जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। नौहाखानी आरिफ सुल्तानपूरी ने की । मदरसा नासिरया के प्रबंधक सदस्यगण मैनेजमेंट कमेटी, प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र आदि मौजूद रहे।