स्वास्थ्य और पोषण माह पर हुई कार्यशाला विभाग और मीडिया का हुआ संवाद

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इटावा : 28 सितम्बर 2021 । राष्ट्रीय पोषण माह में बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के ओर से चलाई जा रही योजनाओं पर मंगलवार को जिले में मीडिया कार्यशाला आयोजित हुई । सीफ़ार संस्था की सहयोग से आयोजित इस  कार्यशाला में  मीडिया के सवालों का अधिकारियों ने जवाब दिए । जिले में सीफार संस्था कि ओर से मंगलवार को एक होटल में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया । राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों और विभिन्न मीडिया संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भगवान दास भिरोरिया ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि जिले में घर-घर बुखार और कोरोना के लक्षणों वाले लोगों की जानकारी ली गई है ।इसके आधार पर लोगों की जांच व उपचार प्रदान किया गया है ।

विभाग द्वारा डेंगू के मरीजों की अलाइज़ा जांच के लिए जिला अस्पतालों और निजी चिकित्सालयों से सैंपल ले कर सैफ़ई मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है । वर्तमान में 71 डेंगू के थे जिनमें 15 एक्टिव केस हैं, बाकि मरीज़ ठीक हो कर घर जा चुके हैं । उन्होंने कहा कि वर्तमान में वायरल बुखार का मौसम चल रहा है, इससे घबराये नहीं  क्यों कि यह बुखार 5 से 7 दिनों में ठीक हो जाता है । आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 1 लाख 43 हजार लोगों के कार्ड बनाये जा चुके हैं और लगभग 5 हजार लोगों ने इसमें उपचार भी प्राप्त किया है । उन्होंने बताया सुमन कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में किसी भी गर्भवती महिला की मृत्यु की जानकारी कोई भी व्यक्ति देता है तो उसे 1000 की राशि दी जाती है , इसका उद्देश मातृ मृत्यु का शतप्रतिशत पंजीकरण कराना है ।

आई.सी.डी.एस. से सी.डी.पी.ओ. उत्तम कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के अन्तर्गत 44 पोषण वाटिकाओं का विकास किया जा रहा है । अनुपूरक आहार वितरण की अनतर्गत 0-3 वर्ष के 66722, 3-6 वर्ष के 27673 बच्चों और 31681 गर्भवती महिलाओं को पोषाहार वितरित किया गया ।जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह ने बताया की महिला कल्याण विभाग की ओर से जिले में 28941 विधवा महिलाओं को पेंशन प्रदान की जा रही है और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योंजना के अन्तर्गत 1740 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है । उन्होंने बताया कि जिले में 3 महिला शरणालय चलाये जा रहे हैं जहाँ निराश्रित महिलाओं के लिए प्रबंध किये गए हैं ।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.के. गुप्ता ने बताया कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में 10 बेड उपलब्ध हैं जहाँ कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है । इसमें कुपोषण के निरीक्षण के आधार पर बच्चों को भर्ती किया जाता है । उन्होंने बताया कि ठन्डे मौसम में कुपोषित बच्चों को हाइपोथर्मिया होने का खतरा अधिक होता है इसके उपचार के लिए एन.आर.सी. में सुविधाएँ उपलब्ध हैं । उन्होंने मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि 1 जनवरी 2015 को एन.आर.सी.शुरू हुई थी, अब तक 928 बच्चे एन.आर.सी. से पूरी तरह ठीक हो कर जा चुके हैं । इस वित्त वर्ष में अब तक 48 बच्चे भर्ती हुए थे जिनमे 40 ठीक हो चुके हैं । एन.आर.सी. में कम वजन वाले बच्चे को 15 प्रतिशत वज़न बढ़ने और ठीक होने के बाद ही भेजा जाता है ।

कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील व डॉ. अवधेश, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप दीक्षित, सीफार से मंडलीय समन्वयक आशीष कुमार, जिला समन्वयक प्रीति पाण्डेय, रतीश कुमार, अमुपम मिश्रा व विभिन्न संस्थाओं से मीडियाकर्मी उपस्थित रहें ।

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