ऐश्वर्या राय बच्चन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कि 6 घंटे तक पूछताछ

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मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन से 2016 के पनामा पेपर्स’ लीक प्रकरण से जुड़े एक मामले में सोमवार को यहां 6 घंटे तक पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि अभिनेता अमिताभ बच्चन और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन की 48 साल की पुत्रवधू से पूछताछ ED द्वारा उनके पति अभिषेक बच्चन से पनामा पेपर्स’ लीक प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में पूछताछ किए जाने के कुछ हफ्ते बाद हुई है

ED ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत ऐश्वर्या राय बच्चन का बयान दर्ज किया। पूर्व मिस वर्ल्ड मध्य दिल्ली में जाम नगर हाउस स्थित एजेंसी के कार्यालय से शाम 7 बजे के बाद निकलीं। अभिनेत्री को ईडी कार्यालय के पिछले दरवाजे से एक सफेद कार में ले जाया गया और मीडिया को उनके पास नहीं आने दिया गया। सूत्रों ने बताया कि अभिनेत्री ने मामले के संबंध में एजेंसी को कुछ दस्तावेज भी सौंपे

पूछे गए ये सवाल

क्या आप उस लॉ फर्म को जानती हैं, जहां मोसैक फोन्सेका ने कंपनी को रजिस्टर किया था?

एमिक पार्टनर्स 2005 में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में निगमित और रजिस्टर्ड कंपनी थी, इस कंपनी के साथ आपका क्या संबंध?

इस कंपनी के निदेशकों में आप, आपके पिता कोटेडादिरमण राय कृष्ण राय, आपकी माता कविता राय और आपके भाई आदित्य राय शामिल हैं, इस बारे में आफका क्या कहना है?

प्रारंभिक पेड-अप कैपिटल $50,000 है, प्रत्येक शेयर का मूल्य $1 था और प्रत्येक निदेशक के पास 12,500 शेयर थे?

जून 2005 में आपकी स्थिति को शेयरधारक के रूप में क्यों बदला गया?

2008 में कंपनी इनएक्टिव क्यों हो गई?

क्या वित्तीय लेन-देन के लिए RBI से अनुमति मांगी?

पनामा पेपर्स क्या

मामला साल 2016 में वाशिंगटन स्थित ‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ (ICIJ) द्वारा पनामा की कानूनी फर्म मोसैक फोंसेका के रिकॉर्ड की जांच से जुड़ा है, जिसे ‘पनामा पेपर्स’ नाम से जाना जाता है। इसमें विश्व के कई नेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम सामने आए थे, जिन्होंने कथित तौर पर देश से बाहर की कंपनियों में विदेशों में पैसा जमा किया था

इनमें से कुछ के बारे में कहा गया है कि उनके पास वैध विदेशी खाते हैं। इस खुलासे में कर चोरी के मामलों को सामने लाया गया था। इस प्रकरण में भारत से संबंधित कुल 426 मामले थे। ED 2016 17 से बच्चन परिवार से जुड़े मामले की जांच कर रहा है इसने बच्चन परिवार को नोटिस जारी कर उन्हें 2004 से भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत और फेमा के तहत विनियमित अपने विदेशी प्रेषण की व्याख्या करने को कहा था।

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