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सीएम योगी ने गन्ना किसानों के खातों में भेजी 1 लाख करोड़ रुपए की धनराशि

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डीबीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री ने किसानों को दी बड़ी राहत

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के गन्ना किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपए स्थानांतरित किए। गन्ना मूल्य का ऑनलाइन भुगतान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के गन्ना किसानों से संक्षिप्त वार्ता भी की। इस मौके पर प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना मंत्री सुरेश राणा, गन्ना राज्य मंत्री सुरेश पासी सहित गन्ना सचिव व अन्य तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, प्रदेश में पहली बार गन्न्ना किसानों को सीधे एक ही बार में इतनी बड़ी धनराशि का भुगतान हुआ है। यह इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि हमारे अन्नदाता किसानों का आर्शीवाद राज्य और केन्द्र सरकार को लगातार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने लाॅकडाउन के बावजूद प्रदेश की कोई चीनी मिल नहीं बंद होने दी। जिसके चलते प्रदेश में शत-प्रतिशत गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल किया जा सका। मुख्यमंत्री ने कहा, गन्ना, गेहूं, आलू सहित अन्य किसानों से जुड़ी समस्याओं में प्रदेश सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निर्णय लिए। सीएम योगी ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम को शासन की कल्याणकारी योजनाओं, शासन और किसानों के बीच एक बेहतर तालमेल का एक आदर्श उदाहरण कहा जा सकता है।

भारी मात्रा में हुआ सैनिटाइजर का उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना के दौरान मार्च प्रथम सप्ताह में अचानक सैनिटाइजर की कमी पड़ गई थी, 100 एमएल की शीशी जो 80 रुपए में बिकती थी वह 400-500 रुपए में मिलने लगी। तब गन्ना विभाग ने एक नई तरकीब निकाली कि गन्ना मिल तो चल ही रही है, हम प्रदेश में सैनिटाइजर का भी निर्माण करेंगे। इसके बाद हमने इतने सैनिटाइजर का उत्पादन किया कि प्रदेश के सभी विभागों में निःशुल्क सैनिटाइजर उपलब्ध कराए गए।

इतना ही नहीं देश में 28 राज्यों में सैनिटाइजर की सस्ते में आपूर्ति की गई। योगी ने कहा कि कहा कि मुजफ्फरनगर, मेरठ, संभल, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, अम्बेडकरनगर, कुशीनगर, गोरखपुर आदि सभी जगहों के किसानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कुछ नया किया है और लाखों लोगों के जीवन में इनके माध्यम से एक नया प्रकाश लाने में सफलता प्राप्त हुई है।

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