दिव्यांगोंऔर बुजुर्गों से घर पर जाकर वोट लेना कितना पारदर्शी होगा ?

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लखनऊ : यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र की ओर से चुनाव आयोग द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार का कार्यकाल अगले साल की 14 मई को समाप्त हो रहा है। निर्वाचन आयोग सामान्य तरीके से ही मतदान कराएगा। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव कराने की बाबत मीटिंग की गई है।

जिला अधिकारियों के साथ भी बैठक करने के साथ चुनाव आयोग की ओर से आयकर विभाग, जीएसटीएन, एनसीबी एवं नोडल अफसरों के साथ चुनाव के संबंध में चर्चा की गई है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग का प्रयास रहेगा कि इलेक्शन प्रलोभन फ्री हो बृहस्पतिवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित की गई प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने बताया है कि प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत चुनाव कराए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने बताया है कि चुनाव आयोग घनी आबादी वाले पोलिंग बूथों को खुले में लेकर आएगा।

इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा एवं बुजुर्गों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए पोलिंग निर्धारित किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि पेड न्यूज को लेकर भी चुनाव आयोग की तरफ से चर्चा की गई है। उन्होंने बताया है कि आगामी 5 जनवरी को मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस बार के चुनाव में वोटरों की कुल संख्या 15 करोड़ के लगभग है जिसमें 52.8 नए मतदाता शामिल है, इसमें 28.86 महिलाओं की संख्या है। कोविड-19 को देखते हुए चुनाव में वोटिंग का वक्त पूरे राज्य में एक घंटा बढ़ा दिया गया है। अब 8.00 से 5.00 के बजाय 8.00 बजे से लेकर 6.00 बजे तक मतदान होगा।

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