इंदौर रोबोट से कराएगा कचरे की छंटाई

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इंदौर : इंदौर अब कचरे की छंटाई के लिए नया प्रयोग करने जा रहा है। देश में पहली बार यहां व्यवसायिक तौर पर कचरे की छंटाई के लिए रोबोट का उपयोग किया जाएगा। इंदौर में कचरा छंटाई का काम करने वाली कंपनी नेप्रा रिसोर्स मैनेजमेंट प्रा.लि. की सहयोगी कंपनी के अहमदाबाद प्लांट में इस रोबोट का प्रयोग कचरा छंटाई में किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी से लैस यह रोबोट वस्तुओं को पहचानकर उन्हें आसानी से अलग कर देता है। इसका लाभ यह होगा कि कचरा छंटाई का कार्य तीन से चार गुना अधिक तेजी से होने लगेगा।

रोबोट के उपयोग से सूखे कचरे की गुणवत्ता बेहतर होने पर उसका दोबारा प्रयोग किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए सूखे कचरे से मिली शेंपू की खाली बोतल उसे तैयार करने वाली कंपनी को दोबारा उपयेाग के लिए दी जा सकेगी। कचरे को पुन: प्रयोग योग्य बनाने से नई प्लास्टिक का उपयोग कम होगा। कचरा छंटाई के लिए देशी तकनीक पर आधारित जो एआई रोबोट तैयार किया गया है, वह एक मिनट में 200 वस्तुएं उठाएगा। अभी प्लांट में एक कर्मचारी एक मिनट में मात्र 40 वस्तुएं उठा पाता है। अभी एक कर्मचारी दिन भर में जहां 200 किलो कचरा छांटता है, वहीं एक रोबोट 800 किलो तक कचरा छांटेगा।

रोबोट का उपयोग होने से ट्रीचिंग ग्राउंड में प्लांट का 24 घंटे संचालन किया जा सकेगा। अभी ट्रीचिंग ग्राउंड पर सुबह सात से शाम छह बजे तक कचरा छंटाई का कार्य किया जाता है। इस कार्य मेें ज्यादातर महिला कर्मचारी होती हैं। वे रात में काम करने को तैयार नहीं होती हैं। रोबोट आने पररात में भी छंटाई हो सकेगी। अभी 200 कचरा बीनने वाले (रैगपिकर्स) कचरे की छंटाई करते हैं। ट्रीचिंग ग्राउंड के प्लांट पर अभी प्रतिदिन 400 टन सूखा कचरा पहुंचता है। छंटाई के बाद 150 टन अनुपयोगी कचरा निकलता है, जिसमें कपड़े, गद्दे, तकिया, खराब गुणवत्ता की प्लास्टिक होती है। इसे सीमेंट फैक्ट्रियों को ईंधन के लिए दिया जाता है।

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