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भाजपा सरकार और संगठन में बदलाव पर अभी नहीं हुआ फैसला

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और संगठन में बदलाव की खबरों के बीच आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले मंगलवार को लखनऊ पहुंचे तो चर्चाओं को और हवा मिल गई। सोशल मीडिया पर दिनभर चर्चा चलती रही कि उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा के साथ बैठक होगी और बदलाव को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। संघ व भाजपा के सूत्रों ने देर रात बताया कि फेरबदल को लेकर अभी कोई चर्चा या फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि फिलहाल सरकार और संगठन अगले महीने प्रस्तावित जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पार्टी का परचम फहराने पर फोकस करेंगे।

कोरोना की स्थिति पर नियंत्रण तथा जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों का चुनाव होने के बाद ही आगे कोई चर्चा होगी। वैसे भी अगले सप्ताह पार्टी और संघ की समन्वय बैठक संभावित है। वैसे होसबोले बुधवार को भी शहर में ही रहेंगे संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सोमवार देर रात लखनऊ पहुंचे और मंगलवार को संघ पदाधिकारियों से चर्चा की। भारती भवन में उन्होंने संघ के क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। संघ के साथ विचार परिवार से जुड़े संगठनों की ओर से कोरोना काल में किए जा रहे सेवा कार्यों के साथ संघ की आगामी कार्य योजना पर चर्चा की।

सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों के विपरीत होसबोले ने प्रदेश सरकार या भाजपा के किसी भी पदाधिकारी से औपचारिक मुलाकात नहीं की। वे बुधवार को भी लखनऊ में रहेंगे। दत्तात्रेय का केंद्र जुलाई तक लखनऊ ही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी कोरोना संक्रमण के दौरान सरकार या संगठन में कोई बड़ा फेरबदल कर जनता में गलत संदेश देने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि कोरोना की स्थिति नियंत्रण में होने के बाद यदि पार्टी आवश्यक समझेगी तो क्षेत्रीय व जातीय संतुलन बनाने के लिए सरकार व संगठन में आंशिक फेरबदल कर किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 दिन में प्रदेश के सभी 18 मंडलों का दौरा पूरा कर लिया

लखनऊ : कोरोना को मात देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 दिन में प्रदेश के सभी 18 मंडलों का दौरा पूरा कर लिया। सीएम योगी 14 अप्रैल को कोराना संक्रमित हुए थे। 30 अप्रैल को कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद से मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 75 में से करीब 40 जिलों में खुद पहुंचकर इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर कानिरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने जिलों में कोरोना नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान की जमीनी हकीकत परखी और कोरोना वारियर्स का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ उन्हें जरूरी निर्देश भी दिए।

जिलों के दौरे के दौरान सीएम कोविड अस्पतालों के साथ-साथ एक गांव में जाकर निगरानी समितियों से बातचीत की। उन्होंने कंटेनमेंट जोन में रह रहे लोगों से भी बात की तथा गांव-गांव में मेडिकल किट का वितरण देखा। उन्होंने इलाज करा रहे कोविड मरीजों का हालचाल भी जाना। संभावित तीसरी लहर के संबंध में बच्चों में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रत्येक जिले में बच्चों के इलाज से संबंधित सुविधाओं का उच्चीकरण करने तथा सुविधाओं को जारी रखने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया तथा जरूरी निर्देश दिए। मंडलों के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सोमवार को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। मंगलवार को 18 मंडलों का भ्रमण पूरा होने पर उन्होंने मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के मंदिर में प्रदेशवासियों ती सुरक्षा व भलाई तथा उनके सुख-समृद्धि की प्रार्थना की एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में संविदा पर तैनात कर्मचारियों ने बुधवार को परिसर में हंगामा प्रदर्शन किया

लखनऊ : भर्ती के लिए 70-70 हजार रुपये भी लिए गए। अब अचानक उनकी सेवा समाप्त करने का फरमान सुना दिया गया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि भर्ती के समय उनसे यह नहीं कहा गया कि यह नियुक्ति सिर्फ कोविड के समय के लिए है। विभिन्न पदों के करीब सौ लोगों की भर्ती हुई थी। भर्ती के समय उन्हें कोई जॉइनिंग लेटर भी नहीं दिया गया। अब अचानक उनको 31 मई के बाद सेवा समाप्त करने का आदेश दे दिया गया है। अभी तक किसी को भी सैलरी नहीं मिली है। इस आदेश के बाद वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इसको लेकर सुबह से ही केजीएमयू में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। कर्मचारियों ने केजीएमयू कुलपति आवास पर प्रदर्शन किया। इसके बाद परिसर में टहलकर भी नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर जाकर कर्मचारियों को समझा बुझाकर शांत कराया। वहीं केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि कोविड के समय के दौरान एजेंसी के माध्यम से ये नियुक्ति हुई थीं। एजेंसी की उनसे क्या बात हुई इसकी जानकारी हमें नहीं है।

राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 700 मरीज

लखनऊ : प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब 700 मरीज हो गए हैं। अब तक करीब 35 की मौत हो चुकी है। हर जिले में ब्लैक फंगस के मरीज चिह्नित हो रहे हैं। सभी मेडिकल कॉलेजों में उपचार से लेकर सर्जरी तक का इंतजाम है। कुछ निजी अस्पताल भी उपचार कर रहे हैं, लेकिन उपचार में प्रयोग होने वाली एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। यह अभी तक सिर्फ सरकारी अस्पतालों में भी उपलब्ध हो पा रही है। इसे देखते हुए 3 दिन पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एंफोटेरेसिन बी उपलब्ध कराई है, इसमें करीब 1260 वायल उतर प्रदेश को मिली है। इस इंजेक्शन को शासन की ओर से अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाएगा।  शासन की ओर से दवा वितरण के लिए वाराणसी, लखनऊ, आगरा, मेरठ, झांसी, कानपुर, गोरखपुर, बरेली मंडल को दवा वितरण का मुख्य केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों से आस-पास के मंडल मुख्यालय को भी दवा उपलब्ध कराई जाएगी। मंडल मुख्यालयों से रेड क्रॉस सोसाइटी के जरिए वितरण की व्यवस्था बनाई गई है।

रायबरेली ट्रिपलिंग कर रहे बाइक सवार युवक खड़े ट्रक में घुसे

लखनऊ : रायबरेली के ऊंचाहार उन्नाव राजमार्ग पर ट्रिपलिंग कर रहे बाइक सवार खड़े ट्रक में घुस गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया। हादसा मंगलवार की रात होना बताया जा रहा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के किशुनी सराय गांव निवासी बबलू (18) पुत्र शिव भूषण अपने साथी गदागंज थाना क्षेत्र के बांसी निवासी सोनू (22) पुत्र हरीलाल व रामू (22) पुत्र बैजनाथ निवासी जियायक थाना के साथ बरात गया हुआ था। वहां से वापस आते समय ऊंचाहार उन्नाव राजमार्ग पर गुलरिहा गांव के पास बाइक खड़े ट्रक में घुस गई, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। बताया जाता है कि तीनों मुंबई में नौकरी करते थे और कुछ दिन पहले अपने-अपने गांव लौटे थे। तीनों ऊंचाहार क्षेत्र के किसी गांव बरात में शामिल होकर लौट रहे थे। कोतवाल विनोद सिंह ने बताया कि परिजनों को सूचना दी गई है। तहरीर मिलने पर मामला दर्ज किया जाएगा।

31 स्टेट हाईवे पूरी तरह से टू लेन होंगे

लखनऊ :उत्तर प्रदेश में 31 स्टेट हाईवे पूरी तरह से टू लेन किए जाएंगे। अभी इन हाईवे के बीच-बीच में कुछ हिस्से सिंगल लेन हैं। यानी, इनकी चौड़ाई 3 से 5 मीटर ही है, जिसे बढ़ाकर न्यूनतम 7 मीटर किया जाएगा। इन कार्यों पर करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। लोक निर्माण विभाग ने इन स्टेट हाईवे को पूरी तरह से टू लेन करने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी है। कुल 31 जिलों में इन हाईवे को चौड़ा किया जाएगा।

ये जिले हैं ललितपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, अयोध्या, बाराबंकी, आगरा,  फिरोजाबाद, सीतापुर, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, एटा, मथुरा, हाथरस, फर्रूखाबाद, बांदा, हमीरपुर, शाहजहांपुर, कन्नौज, मैनपुरी, एटा, कासगंज, उरई, हमीरपुर, महराजगंज, बस्ती, फतेहपुर, औरैया, अलीगढ़, बहराइच, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर। वर्तमान में इन 643 किमी लंबे राजमार्गों का 4 किलोमीटर से लेकर 38 किलोमीटर तक का हिस्सा सिंगल लेन है। इस बारे में पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष पीके सक्सेना ने बताया कि इन हाईवे को चौड़ा करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। मानसून के बाद युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा

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