संगीत पूरे विश्व को जोड़ता हैः प्रो.मुकेश गर्ग

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प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगीत एवं प्रदर्शन कला विभाग में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिवस का आरंभ विभागाध्यक्ष प्रो.प्रेम कुमार मलिक एवं विभाग के समस्त शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात विभाग के शिक्षक डा.धर्मपाल के संयोजन एवं निर्देशन में सरस्वती वंदना का मधुर गायन छात्र- छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसमें स्नेहा, प्रिया, अनुश्री, आयुषी, राहुल, इंद्रजीत, अंबुज ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का संचालन डा.रेनू जौहरी द्वारा किया गया। प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो.पंकज माला शर्मा ने संयोजिका डा.रेनू जौहरी को शुभकामनाएं व आशीर्वचन देते हुए अपना व्याख्यान आरंभ किया। उन्होंने वेद की चर्चा करते हुए प्रत्यक्ष एवं परोक्ष संहिता के विषय में बताया। साथ ही साथ गमक एवं ध्रुपद में उसके प्रयोग पर चर्चा की तथा संगीत में ओंकार की 12 कलाओं व उसका महत्व बताया। द्वितीय व्याख्यान बर्लिन, जर्मनी से पीटर पेनके द्वारा दिया गया। उन्होंने बताया कि संगीत किस प्रकार से विभिन्न संस्कृतियों को आपस में जोड़ता है। इसके साथ-साथ उन्होंने ध्रुपद को सीखने के दौरान अर्जित किए अपने सुखद अनुभवों को साझा किया।

प्रथम सत्र की अध्यक्षता प्रो.मुकेश गर्ग द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि एथनोम्यूजिकोलाॅजी हमारे किसी काम की नहीं है। संगीत तो पूरे विश्व को जोड़ता है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि जर्मनी के पीटर पेनके का ध्रुपद से अनुराग है। इसी के साथ उन्होंने प्रथम सत्र के दोनों व्याख्याताओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए सत्र का समापन किया। द्वितीय तकनीकी सत्र में देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के विभिन्न शिक्षकों एवं प्रोफेसर ने अपने शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया।

इस सत्र की अध्यक्षता तीन भागों में प्रो.रश्मि दीक्षित, प्रो. जयंत खोत तथा प्रो. विद्याधर प्रसाद मिश्र ने की। इसमें शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों में डा.इभा सिरोठिया, डा. नमिता यादव, डा. इंदू शर्मा, डा. कुहू मालवीय, डा. विद्या, डा.श्रेया श्रीवास्तव, डा.पी. एस. हरीश, संदीप किंडो, सुनैना भट्टाचार्य, डा.भागवत कौर, छगेंद्र उसेंडी, मनोज कुमार, डा. निशा कुमारी, डा. नीता माथुर, डा. अविराज तायड़े, डा. मंगेश कुलकर्णी, डा.रश्मि श्रीवास्तव, डा. आकांक्षा रस्तोगी, डा.अंजली नारायण, डा. सीमा जौहरी, डा सुमिता बैनर्जी। भोजनोपरांत संगीत विभाग के समस्त शिक्षकों द्वारा संगोष्ठी के विषय उपविषयों पर स व्याख्यान संगीत की विभिन्न प्रस्तुतियां दी गई। इसमें प्रो.प्रेम कुमार मलिक, प्रो.जयंत खोत, प्रो. विद्याधर प्रसाद मिश्र, प्रो.रश्मि दीक्षित, डा.विशाल जैन ने प्रस्तुति दी जिसमें तबले पर डा. गिरधर गोपाल मिश्र तथा डा. विनोद कुमार मिश्र ने संगत की।

 

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