उ0प्र0 में केवल पी.आर., होर्डिंग, ब्रान्डिंग और इवेंट मैनेजमेंट की चल रही है सरकार- अजय कुमार लल्लू

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लेखपाल भर्ती को लेकर जिस प्रकार मुख्यमंत्री कार्यालय के आफीशियल हैंडिल से ट्वीट एवं वीडियो के माध्यम से झूठा प्रचार किया गया वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण- अजय कुमार लल्लू

योगी सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में एक भी भर्ती नहीं हो पाई, जो भर्तियां निकाली गयीं वह सभी भ्रष्टाचार एवं घोटाले की भेंट चढ़ीं- अजय कुमार लल्लू

वर्ष 2018 की पुलिस कान्सटेबल भर्ती, वीडीओ भर्ती अथवा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की विभिन्न विभागों की 24 में से 22 भर्तियां अभी तक अटकी पड़ी हैं- अजय कुमार लल्लू

योगी सरकार प्रदेश के लाखों लाख बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ कर रही है खिलवाड़- अजय कुमार लल्लू

लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने आज जारी बयान में कहा है कि लेखपाल भर्ती को लेकर जिस प्रकार मुख्यमंत्री कार्यालय के आफीशियल हैंडिल से निराधार और झूठा ट्वीट किया गया और एक वीडियो जारी किया गया, यह प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और क्रूर मजाक है। जबकि सच्चाई तो यह है कि लेखपाल की कोई भर्ती निकाली ही नहीं गयी है। कांग्रेस पार्टी द्वारा जब इस झूठ को पकड़ लिया गया तो मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार केवल पी.आर., होर्डिंग, ब्रान्डिंग और झूठे इवेंट मैनेजमेंट के सहारे चल रही है। प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई को विज्ञापन और इवेन्ट मैंनेजमेंट में करोड़ों रूपये पानी की तरह बहाये जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि योगी सरकार विज्ञापन और इवेंट मैनेजमेंट के जरिये प्रदेश की जनता को लगातार गुमराह करने का प्रयास कर रही है जबकि प्रदेश के हालात बद से बदतर हो चुके हैं अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी झूठे और भ्रामक प्रचार करके प्रदेश की जनता को लुभावने नारे देकर और वादा करके सत्ता में काबिज हो गयी। किन्तु अपने किसी भी वादे पर खरी नहीं उतरी। योगी सरकार जनता के विश्वास पर खरी नहीं उतरी और योगी सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लुभावने नारों और बड़े-बड़े होर्डिंगों के जरिये सरकार की ब्रान्डिंग करने में जुटी हुई है और झूठे आंकड़ों को पेश करके जनता को गुमराह कर रही है

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने 5 साल में 70 लाख रोजगार देने का वादा किया था किन्तु स्वयं मुख्मयंत्री ने मात्र 4 लाख रोजगार ही देने का दावा किया। यह भाजपा की कथनी और करनी के स्पष्ट अंतर का सबसे बड़ा प्रमाण है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार में सरकारी भर्तियों के लिए गठित तमाम आयोगों में उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग प्रमुख है लेकिन आज इस कदर बदहाल है कि वर्ष 2016 से लेकर 2019 के बीच इसके द्वारा निकाली गयी 24 प्रकार की भर्तियों में से 22 भर्तियां अभी तक लम्बित हैं। इन लम्बित भर्तियों में वीडीओ 2018, युवा कल्याण अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक, सम्मिलित तकनीकी सेवा, आबकारी सिपाही आदि शामिल हैं। वीडीओ 2018 की भर्ती के अभ्यर्थी पिछले 17 महीने से लगातार नियुक्ति की मांग को लेकर सड़कों पर आन्दोलनरत हैं। वर्ष 2018 में कान्सटेबल पद के लिए 49568 रिक्त पदों पर हुई भर्तियों में से मात्र 14हजार अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग में भेजा गया बाकी 35568 अभ्यर्थी अभी तक संघर्ष कर रहे हैं और धरना-प्रदर्शन करने को विवश हैं

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। पिछले दो सालों में ही साढ़े बारह लाख पंजीकृत बेरोजगार बढ़े हैं। सरकार लम्बित भर्तियों पर कोई कारगर कदम नहीं उठा रही है। जिसके कारण बढ़ती बेरोजगारी दर चिन्ता का विषय बनी हुई है। सरकार द्वारा 90 दिनों में 5 लाख रोजगार देने जैसे झूठे दावे करके बेरोजगारों और युवाओं का मजाक उड़ा रही है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार रोजगार युवाओं को रोजगार देने और बेरोजगारी का हल निकालने के बजाए रोजगार मांगने वाले नौजवानों के प्रति दमनात्मक रवैया अपना रही है। विगत दिनांे प्रयागराज में रोजगार मांग रहे 103 छात्र-छात्राओं पर मुकदमा दर्ज करना सरकार की निरंकुशता का प्रमाण है। सरकार आवाज उठाने पर विधानसभा में बेरोजगारों का मजाक उड़ाती है और फर्जी आंकड़े प्रस्तुत करके बेरोजगारी की भयावह स्थिति को छिपाने का असफल प्रयास करती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री कार्यालय के आफीशियल हैंडिल से लेखपाल भर्ती को लेकर एक युवा का वीडियो जारी किया गया और रोजगार देने को लेकर ट्वीट किया गया, बहुत ही शर्मनाक और दुःखद है। ऐसा करके प्रदेश की योगी सरकार बेरेाजगार युवाओं के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। प्रदेश के युवा योगी सरकार के इस झूठ और फरेब का बदला आने वाले चुनाव में अवश्य लेंगे। इतने गंभीर मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी द्वारा कोई प्रतिक्रिया न किया जाना भी गंभीर सवाल उत्पन्न करते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सपा और बसपा का भारतीय जनता पार्टी से अंदरूनी गठजोड़ हो चुका है।

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