सोमवार से अडानी का होगा लखनऊ का अमौसी एयरपोर्ट,समूह 50 साल तक संभालेगा कमान

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77अडानी समूह ही लेगा हवाई अड्डे के प्रबंधन और वित्तीय मामलों के फैसले

एक नजर में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का सफर

1986 में बनकर तैयार हुआ था अमौसी एयरपोर्ट
2008 में नाम चौधरी चरण सिंह कर दिया गया
2012 में मिला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा
55 लाख से अधिक यात्रियों की सालाना आवाजाही
160 से अधिक विमानों का हो रहा है संचालन

 

यात्री  : सुविधाओं से लेकर राजस्व तक में मुकाम हासिल करने वाला चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सोमवार से निजी हाथों में चला जाएगा। अब अडानी ग्रुप इसके विकास, प्रबंधन और वित्तीय मामलों के फैसले लेगा। निवार को दिल्ली से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की टीम तैयारियों का जायजा लेने लखनऊ पहुंची। समूह को 50 सालों के लिए एयरपोर्ट की कमान सौंपी गई है। डानी ग्रुप सोमवार से हवाईअड्डा संभाल लेगा, लेकिन तीन साल तक वह एयरपोर्ट प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगा

एयरपोर्ट निदेशक को छोड़कर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के 124 एक्जीक्यूटिव और नॉन एक्जीक्यूटिव अधिकारी व कर्मचारी पहले की तरह ही काम करेंगे, लेकिन निर्देशन अडानी ग्रुप के अधिकारियों का रहेगा।  एक तरह से संयुक्त प्रबंधन का समझौता है, जो एक साल तक चलेगा। इसके बाद दो साल के लिए यही कर्मचारी डीम्ड डेपुटेशन पर अडानी ग्रुप के लिए काम करेंगे।

सीआईएसएफ, फायर फाइटिंग भी होगा प्राइवेट हाथों में

अमौसी एयरपोर्ट पर अर्द्ध सैनिक बल सीआईएसफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। एयरपोर्ट प्राइवेट हाथों में जाने के बाद सोमवार से यह भी अडानी ग्रुप के निर्देश पर काम करेगा। फायर फाइटिंग सिस्टम और इंजीनियरिंग सेवाएं भी समूह के अधिकारी संभालेंगे।

फिलहाल नहीं बढ़ेगा कोई शुल्क

एयरपोर्ट पर फिलहाल किसी सुविधा का शुल्क नहीं बढ़ेगा। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट की तर्ज पर यहां भी सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। इसमें यात्रियों के बैठने से लेकर एसी लाउंज को बेहतर बनाया जाएगा। पिक एंड ड्रॉप को निशुल्क किया जा सकता है।

करोड़ों की योजनाओं को मिलेगी गति

एयरपोर्ट के निजी हाथों में जाने से करोड़ों की योजनाओं को गति मिलेगी। इसमें 1400 करोड़ से नए टर्मिनल टी3 का निर्माण होना है। वहीं, आठ एप्रन बन रहे हैं। फायर फाइटिंग सिस्टम अपग्रेड होना है। नवे का विस्तार 2700 से 3500 मीटर करना है। समानांतर टैक्सी वे बनाने की योजनाओं को समूह गति देगा। एयरपोर्ट की जमीनों पर ही आने वाले समय में मॉल, होटल बनेगा। टर्मिनल बिल्डिंग में भी यात्रियों की सुविधाएं बढ़ेंगी

अमौसी एयरपोर्ट दो नवंबर को अडानी समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। एके शर्मा, निदेशक एयरपोर्ट

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