स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आईसीएस ने लॉन्च किया विश्व स्तरीय कैरियर ऐप

0 117

 

लखनऊ : कन्फ्यूजन से आजादी, मनपसंद कैरियर चुनने की आजादी के उद्घोष के साथ इंस्टिट्यूट फॉर कैरियर स्टडीज (आईसीएस) ने अपना कैरियर ऐप जारी किया। जब सारा देश वैश्विक महामारी के प्रकोप से जूझ रहा है विद्यार्थियों के लिए यह समय कठिन है। ऑनलाइन क्लासेज व ऑनलाइन परीक्षा इन बच्चों के लिए नई चुनौती है। इस परिवेश में आगे क्या करना है, कौन सा कैरियर चुनना है, छात्रों के मन में अनिश्चितता व तनाव पैदा कर रहा है। आईसीएस ने ,जो की इस क्षेत्र में 35 सालों से अग्रीण है, इस समस्या का हल इस ऐप के माध्यम प्रस्तुत किया है। कोविड स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह घोषणा की गई कि सीमित अवधि तक इस ऐप के द्वारा की गई काउंसलिंग सभी बच्चों की लिए निःशुल्क है।

आईसीएस कैरियर ऐप जीपीएस- एक ऐसा ऐप जो मिटा दे दूरियां

यह आर्टफिशल इंटेलिजेंस दवारा संचालित ऐप -10 वीं से परास्नातक तक के विद्यार्थियों के लिए है। इस ऐप में विविध टेस्ट द्वारा अभिरुचि, रूचि और व्यक्तित्वा के पहचान होती है , और अनुभवी कॉउंसलर से बात कर के इस ऐप में छात्र विभिन्न कैरियर क्षेत्र के देश विदेश के कॉलेज और कोर्स से अवगत हो सकते है।

ऐप के वर्चुअल उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो टीएस पॉडिएल, भूटान के पूर्व शिक्षा मंत्री, ने आईसीएस के “हाई टच विथ हाई टेक” दृष्टिकोण की सराहना की ।

डॉ. अमृता दास, संस्थापक-निदेशक, आईसीएस, और एक प्रमुख शिक्षाविद् और कैरियर मार्ग दर्शक सलाहकार, ने कहा, “मेरे 35 वर्षों के परामर्श अनुभव में, मैंने पाया है कि भ्रम से स्पष्टता की ओर बढ़ने और सूचित शैक्षिक और कैरियर संबंधी निर्णय लेने के लिए आदर्श दृष्टिकोण स्वयं को जानना है, स्वयं को सूचित करना है, और स्वयं के लिए योजना बनाना है। आसान और आवश्यक चरणों के माध्यम आईसीएस कैरियर जीपीएस ऐप छात्रों को त्वरित कैरियर स्पष्टता लाने में सहायक है।

आईसीएस के निदेशक (संचालन) अजीत दास ने कहा, “यूनेस्को का अनुमान है कि भारत में लगभग 50 मिलियन छात्र हैं जिन्हें कैरियर परामर्श की आवश्यकता है। इन छात्रों तक कैरियर कॉउंसलिंग पहुँचाना समय की मांग है। इस कमी को पूरा करने के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म आईसीएस कैरियर जीपीएस एक महवपूर्ण कदम है।”

श्री ऋषि बागला, प्रसिद्ध उद्योगपति व औरंगाबाद स्थित बागला समूह के प्रबंध-निदेशक, भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ”देश की प्रगति में शिक्षा का योगदान अभूतपूर्व है। खुद को पहचानना और सही मार्ग का चयन करना किसी भी व्यक्ति की सफलता की पहली सीढ़ी है। हर उद्योग का, बिजनेसका उद्देश्य समाज कल्याण है मुनाफा उस का प्रतिफल है। इस भावना औरविश्वास के साथ मैंने आईसीएस में निवेश किया।“

कविता दास, निदेशक (परामर्श) आईसीएस जो स्वयं एक वरिष्ठ कैरियर सलाहकार है, ने सभी उपस्थित गणमान्य अतिथियों व इस अनोखे ऐप की संरचना में योगदान देने वाले टीम आईसीएस के सभी सदस्यों के प्रति आभारव्यक्त किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.