विधानसभा चुनाव में जाति, धर्म नहीं, जनता के मुद्दों पर हो चर्चा : प्रियंका गांधी

0 24

चुनाव में नेताओं की जवाबदेही तय करे जनता : प्रियंका गांधी

लखनऊ : कांग्रेस पार्टी की महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने आज दादरी, सिकंदराबाद, अनूपशहर और स्याना विधानसभा क्षेत्र में डोर टू डोर कैंपेन, रोड शो और जनसंपर्क किया। कांग्रेस की प्रतिज्ञाओं को लोगों को बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के उम्मीदवार को वोट कीजिए, कांग्रेस की सरकार बनने पर प्रतिज्ञाओं और वादों को पूरा किया जाएगा और सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही तय होगी कांग्रेस महासचिव ने दादरी में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए डोर-टू-डोर प्रचार और रोडशो में योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जाति, संप्रदाय के नाम पर भाजपा जनता के बीच में दरार डाल रही है, जबकि असल मुद्दों पर वह चुप है। उन्होंने कहा कि महंगाई रिकॉर्ड तोड़ रही है। बेरोजगारी पिछले 50 वर्ष के सबसे उच्च स्तर पर है, लेकिन सरकार सो रही है। प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं का शोषण हो रहा है। किसानों को कुचला जा रहा है। उनकी फसल का उचित दाम नहीं दिया जा रहा है। छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा खुलेआम किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल देता है। किसानों को कुचलने के बाद खुलेआम घूमता है। पुलिस उसे जेल भेजने की जगह संरक्षण देती है लेकिन अभी तक आरोपी का पिता अपने पद पर बना हुआ है। सरकार का कोई भी नुमाइंदा मृतक किसानों के परिजनों को सांत्वना तक नहीं देता है। दादरी में एक ठेला लगाने वाले ने बताया कि उसके पिता की तबियत खराब रहती है। इसपर प्रियंका गांधी ने उस लड़के की मदद करने का आश्वासन दिया सिकंदराबाद में प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि जो जनता के मुद्दे हैं और वही उठने चाहिए और उन्हीं पर चर्चा होनी चाहिए। जनता जानना चाहती है कि विकास के लिए क्या किया है, क्या सड़कें बनाई हैं, क्या शिक्षा के लिए संस्थान बनाए हैं, सेहत की सुविधाएं कहाँ हैं, कैसी हैं, आप बना रहे हैं, नहीं बना रहे हैं, ये बातें भी सुनना चाहती है जनता और मैं समझती हूं कि चुनाव इन्हीं पर लड़ा जाना चाहिए

उन्होंने कहा कि मेरा बार-बार यही कहना है कि जाति पर आधारित और साम्प्रदायिकता पर आधारित चुनाव नहीं लड़ना चाहिए और जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। बार-बार मैं यही कह रही हूं और जहाँ-जहाँ मैं लोगों से मिलती हूं, वही कहते हैं, मैं यहाँ आई हूं, इधर भी कह रहे हैं और बहुत अच्छा लगा मुझे, कह रहे हैं कि जो उम्मीदवार हैं, अगर वो घर पर नहीं आएगा, वो हमसे मिलेगा नहीं, हमारा काम नहीं करेगा, तो हम वोट क्यों दें? हम वोट तभी देंगे, जब वो काम करके दिखाएगा, तो बिल्कुल सही बात है और यही बात मैं रिफ्लेक्ट कर रही हूं, जनता मुझे जो मुद्दे बता रही है, मैं बार-बार पब्लिक में वही चर्चा कर रही हूं। इन्हीं मसलों पर, इन्हीं के आधार पर चुनाव लड़ना चाहिए। मेरा मनना है कि जाति और सांप्रदायिकता पर आधारित चुनाव नहीं लड़ा जाना चाहिए और जनता को नेताओं को जवाबदेह बनाना चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.