उत्तम चरित्र ने बना दिया राम को मर्यादा पुरुषोत्तम: सन्त बालकराम दास।

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उन्नाव : अटवा गांव में राम कथा सुनाते हुए सन्त बालक राम दास ने कहा कि व्यक्ति का चरित्र ही सबसे अनमोल निधि है, इसे निरन्तर उज्ज्वल रखने के लिए राम कथा से बेहतर कोई दूसरा माध्यम हो ही नहीं सकता।राम ने सम्पूर्ण समाज के सामने आदर्श चरित्र प्रस्तुत किया।नतीजा वह मर्यादा परुषोत्तम कहलाये। लगातार तीन दिन से दो पालियों में ग्रामीणों को राम कथा सुना रहे मथुरा के सन्त बालक राम दास की संगीतमयी राम कथा की जबरदस्त लोकप्रियता है। वह संस्कारो के महत्व पर कथा को केंद्रित करते हुए कहतें हैं कि समाज संस्कार विहीन हो रहा है, युवा पीढ़ी दिगभृमित है एक दूसरे के प्रति आदर का अभाव घर ,बाहर दिखता है।सन्त बालक राम कहते हैं कि टूटते परिवार,दिशा हीन होते समाज और परिवार को सही रास्ते पर लाने के लिए राम कथा सशक्त माध्यम है।

जरूरत है हम अपने घरों में राम कथा और रामायण को दिन चर्या का अंग बनाये।सन्त ने श्रद्धालुओं को अहिल्या उद्धार से लेकर राम विवाह तक के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सबको राम रस से आनंदित किया। गौरतलब है कि अटवा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ो लोग रामकथा श्रवण कर रहें हैं। वहीं इलाके के तमाम नामचीन भी रामकथा में अपनी हाजिरी दर्ज करा रहें हैं। तीसरे दिन नवयुग जनचेतना सेवा संस्थान के अध्यक्ष व बतौर ग्राम विकास अधिकारी पुत्तन लाल पाल,जनहितकारी ग्रामीण पत्रकार एसो0 के अध्यक्ष जयशंकर पाण्डेय,ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार, शिवबरन सिंह,प्रधान दरेहटा अवधेश चौरसिया,आशीष सोनकर सहित कई अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।

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