लॉकडाउन की वजह से टूटी 250 वर्षो की परंपरा, बड़े मंगल पर नही लगेंगे भंडारे

0 240

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जेष्ठ माह के बड़े मंगलवार का पर्व लखनऊ में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से ढ़ाई सौ वर्षो की परम्परा टूट गई। ऐसा पहली बार हो रहा है जब बड़े मंगल के अवसर पर मेले का आयोजन नहीं हो रहा है और न ही कोई भी मंदिर आम लोगों के लिए खुला हुआ है जिसेस वो बजरंगबली का दर्शन कर सकें। लॉकडाउन में कारण सभी मंदिर बन्द हैं। हर बार रात 12 बजे आरती और उसके बाद से दर्शन शुरू हो जाता था। जेठ माह के पहले बड़े मंगल के अवसर पर हालांकि हनुमान सेतु मन्दिर में हनुमान जी का सोमवार रात को वस्त्र श्रृंगार हुआ।

मंदिर के आचार्य चंद्रकांत द्विवेदी ने बताया कि बजरंगबली मंगलवार को दिन भर इसी स्वरूप में रहेंगे। लॉकडाउन की वजह से भक्तों के लिए दर्शन के लिए मंदिर नहीं खोला गया। उन्होंने बताया कि यूं तो सभी मंगलवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है, लेकिन ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का विशेष महत्व होता है। इन्हें बड़ा मंगलवार कहा जाता है। मान्यता है कि इन दिनों बजरंगबली की निष्ठापूर्वक पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। इस वर्ष ज्‍येष्‍ठ माह का आरंभ आठ मई को हो चुका है जोकि ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा के साथ पांच जून का खत्‍म होगा। इस बार चार बड़े मंगल होंगे। पहला बड़ा मंगल 12 मई, दूसरा 19 मई, तीसरा 26 मई और चौथ दो जून को होगा।

इतिहासकार बताते है कि नवाब सआदत अली के कार्यकाल वर्ष 1798-1814 के दौरान मंदिर का निर्माण हुआ था। उन्होंने अपनी मां आलिया बेगम के कहने पर मंदिर का निर्माण कराया था। संतान सुख की प्राप्ति होने पर आलिया बेगम ने मंदिर के निर्माण का वादा किया था, मंदिर के गुंबद पर चांद की आकृति हिंदू-मुस्लिम एकता की कहानी बयां करता है। मंदिरों के निर्माण के बाद से यहां मेला लगने लगा। तब से यह परंपरा चलती आ रही है। यह भी कहा जाता है कि केसर का व्यापार करने कुछ व्यापारी आए थे और उनका केसर बिक नहीं रहा था। नवाब वाजिद अली शाह पूरा केसर खरीद लिया था। वह महीना ज्येष्ठ का था और मंगल था। व्यापारियों ने इसकी खुशी में यहां भंडारा लगाया था और तब से यह परंपरा चल पड़ी हैं।

लखनऊ वासी कर सकते हैं ई-भंडारे का आयोजन

ई-भंडारे के आयोजन को लेकर महापौर ने अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी को समन्वयक नियुक्त किया है। लॉक डाउन के कारण महापौर संयुक्ता भाटिया ने बड़े मंगल पर भंडारा लगाने वालों से अपील की थी कि ई-भंडारा करें और राशन नगर निगम और राशन नगर के कम्युनिटी किचन को दान करें। इसके लिए शहरवासी www.mangalman.in वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

महापौर ने बताया कि कम्युनिटी किचन में भंडारा सामग्री मंगलमान के कार्यकर्ताओं के सहयोग से दान कर सकेंगे। जिससे उस सामग्री को प्रसाद जरूरतमंद लोगों को वितरित किया जाएगा। महापौर का कहना है कि, ई-भंडारा क्या है। भंडारा कैसे लगाएं जैसे प्रश्न और उनके उत्तर का सविस्तार लिंक पर दिया गया है। आयोजकों को चाहिए कि वह वेबसाइट के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसी प्रकार की अधिकारी अधिक जानकारी के लिए मंगलमान अभियान के संयोजक डॉ राजकुमार (9415755950) से सम्पर्क कर सकते हैं

Leave A Reply

Your email address will not be published.